गोवा में पर्रिकर सरकार पर संकट के बादल
संवाददाता/in24 न्यूज़.
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के बार-बार बिगड़ते स्वास्थ्य को लेकर सहयोगी भी सरकार से नाराज हो गए हैं. उनकी खराब तबीयत की वजह से सरकार पर भी संकट गहराता जा रहा है. उनकी खराब तबीयत के कारण राज्य में कामकाज पर पड़ते असर को देखते हुए विपक्ष का हमला लगातार तेज हो गया है. गौरतलब है कि मनोहर पर्रिकर रविवार को दोपहर नई दिल्ली से अपने गृहराज्य लौट आए. नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में अग्नाश्य संबंधी बीमारी को लेकर उनका इलाज चल रहा है. वह एक विशेष विमान से गोवा पहुंचे. इसके बाद उन्हें एम्बुलेंस से डोना पॉला में उनके निजी निवास पर ले जाया गया. उनको 15 सितंबर को एम्स में भर्ती कराया गया था. शुक्रवार को बीजेपी की गोवा इकाई की कोर समिति के सदस्यों और गठबंधन के सहयोगी दलों के मंत्रियों के साथ पर्रिकर ने एम्स में बैठक की थी. यह बैठक उनकी खराब स्वास्थ्य के कारण उनकी अनुपस्थिति के दौरान सरकार सामान्य रुप से चलती रहे इसलिए की गई थी. पर्रिकर से अलग-अलग भेंट करने वाले सत्तारुढ़ भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नेताओं ने नेतृत्व परिवर्तन से इनकार किया था. गोवा में 40 सदस्यीय विधानसभा में पर्रिकर की अगुवाई वाली सरकार को 23 विधायकों का समर्थन प्राप्त है. उनमें भाजपा के 14, गोवा फारवार्ड पार्टी तथा महाराष्ट्र गोमांतक पार्टी के तीन-तीन विधायक और तीन निर्दलीय विधायक हैं. अब गोवा फॉरवार्ड पार्टी के पास दो ही विधायक बचे हैं, जिससे बीजेपी के साथ कुल 22 विधायकों का समर्थन बचा है.