तृणमूल के चार नेताओं को नारदा स्टिंग मामले में जमानत
संवाददाता/in24 न्यूज़।
आज तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ी राहत वाली खबर है. कलकत्ता है कोर्ट ने पिछले एक सप्ताह से घर में नजरबंद तृणमूल कांग्रेस के तीन नेताओं और शहर के पूर्व महापौर को शुक्रवार को जमानत दे दी। यह फैसला पांच न्यायाधीशों की पीठ ने सुनाया है। उच्च न्यायालय ने पिछले शुक्रवार को इन चारों नेताओं को घर में नजरबंद का आदेश दिया था और इनमें फिरहाद हाकिम, सु्ब्रत मुखर्जी, मदन मित्रा तथा सौवन चटर्जी शामिल हैं। इससे पहले एक निचली अदालत ने चारों नेताओं को जमानत दे दी थी लेकिन बाद में उच्च न्यायालय की दो सदस्यीय पीठ ने इस पर रोक लगा दी थी। इनकी तरफ से पेश हुए वकीलों ने बताया कि उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि प्रत्येक को जमानत के लिए दो दो लाख के निजी मुचलके भरने होंगे। 17 मई को कोलकाता में सीबीआई ने इस घोटाले से जुड़े दो मंत्रियों, एक विधायक और मेयर को गिरफ्तार किया था। मंत्री सुब्रत मुखर्जी और फरहाद हकीम, तृणमूल कांग्रेस के विधायक मदन मित्रा और पूर्व नेता शोभन चटर्जी पर घोटाले में शामिल होने का आरोप है। मंत्रियों की गिरफ्तारी के बाद ममता बनर्जी ने विरोध जताते हुए कहा था कि केंद्र सरकार बदले की कार्रवाई के जैसा बर्ताव कर रही है, हम इसका पूरजोर विरोध करेंगे। साथ ही ममता ने यह भी धमकी दी थी कि मुझे भी गिरफ्तार करो। बता दें कि तृणमूल के नेताओं को नारदा स्टिंग ऑपरेशन मामले में नज़रबंद किया गया था।