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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध पर शिवसेना यूपीए के साथ नहीं

19 Dec, 2019 924

संवाददाता/in24 न्यूज़.
महाराष्ट्र में शिवसेबना भले ही कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार चला रही है, मगर नागरिकता संशोधन बिल के मामले में उसने स्पष्ट किया है कि वह यूपीए के साथ इस मामले में साथ नहीं है. गौरतलब है कि देश में नागरिकता संशोधन कानून राष्ट्रपति की अनुमति मिलने के बाद लागू हो गया है, जिसे लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. विपक्षी पार्टियों के प्रतिनिधिमंडल से अलग रहने वाली शिवसेना ने अपनी सफाई दी है. उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने नागरिकता कानून पर विपक्षी दलों के समूह से अलग रहने को लेकर कहा कि पार्टी के प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने का कोई कारण नहीं था. शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि हमें विपक्षी नेताओं के साथ क्यों जाना चाहिए था. यह एक तरह का बेकार सा सवाल था. 58 वर्षीय संजय राउत ने एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि भले ही शिवसेना का महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन हुआ है, मगर दिल्ली में अब भी इसकी अपनी पहचान है. गौरतलब है कि नागरिकता कानून के खिलाफ विपक्षी दलों का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिल चुका है, जिसमें शिवसेना शामिल नहीं थी. शिवसेना नेता और मुखपत्र सामना के एडिटर संजय राउत ने रेखांकित किया कि शिवसेना कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन का हिस्सा नहीं है. उन्होंने कहा कि हम यूपीए के साथ नहीं है. हम एनडीए से बाहर जरूर हैं, मगर यूपीए के साथ नहीं. संसद में हमारी अपनी पहचान है. गौरतलब है कि लोकसभा में शिवसेना ने नागरिकता संशोधन बिल के पक्ष में अपना समर्थन दिया था. जबकि कांग्रेस ने इसका विरोध तब से किया है, जब चार साल पहले यानी 2015 में मोदी सरकार संसद में इसका प्रस्ताव लेकर आई थी. हालांकि, नागरिकता संशोधन बिल पर राज्यसभा में वोटिंग के दौरान शिवसेना ने वॉकआउट किया था.

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