महाराष्ट्र की शिंदे -फडणवीस सरकार है अस्थायी - आदित्य ठाकरे
संवाददाता/in24 न्यूज़।
कभी शिवसेना को अखंड माना जाता था, उसकी अखंडता के चर्चे हुआ करते थे लेकिन आज यही शिवसेना में दो खंड हो गई है. जिनमे दो गुट भी तैयार हो गए हैं.एक गुट है उद्धव ठाकरे का तो दूसरा गुट है एकनाथ शिंदे गुट का. शिवसेना में उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के अलग होते ही जो दरार पड़ी है उससे ऐसा लगता है कि उसे अब पाटा नही जा सकता है. लेकिन अपना-अपना कुनबा बढ़ाने में एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे गुट पूरी तरह से जुट गए हैं. इसी कड़ी में शिवसेना कार्याध्यक्ष उद्धव ठाकरे के मातोश्री निवास स्थान पर महाराष्ट्र के सोलापूर, नाशिक समेत मुंबई के मागाठाणे विभाग से आदित्य ठाकरे के नेतृत्व मे बड़ी संख्या में लोगों ने शिवसेना में पक्ष प्रवेश किया है. वहीं बोरीवली, दहिसर के मागाठाणे मतदारसंघ से बीजेपी और मनसे कार्यकर्ताओं ने भी बड़े पैमाने पर उद्धव गुट की शिवसेना में प्रवेश किया। लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति में ऐसा लगता है कि सब कुछ ठीक ठाक नहीं है.एक तरफ बीजेपी के साथ मिलकर शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र में नई सरकार बनाई, जिसके मंत्रिमंडल का विस्तार भी हो गया लेकिन दूसरी तरफ शिवसेना पक्षप्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे आदित्य ठाकरे शिंदे गुट पर लगातार हमलावर हैं. आदित्य ठाकरे ने नई भविष्यवाणी करते हुए दावा किया है कि महाराष्ट्र की शिंदे -फडणवीस सरकार अस्थायी है, जो किसी भी वक्त गिर सकती है साथ ही उन्होंने एकनाथ शिंदे को महाराष्ट्र का अस्थायी मुख्यमंत्री बताया है। राज्य की शिंदे-फडणवीस सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि इनसे पूछा जाना चाहिए कि महाराष्ट्र में बनी ये नई सरकार है किसकी ? आदित्य ठाकरे यहीं नही रुके, उन्होंने ये भी कहा कि एक तरफ राज्य में बाढ़ जैसे हालात हैं, दूसरी तरफ महिलाओं पर अत्याचार के कई मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन शिंदे फडणवीस सरकार में इसका जवाब देने के लिए कोई नही है.