लॉकडाउन में प्रवासी मज़दूरों पर योगी आदित्यनाथ पर राज ठाकरे का हमला
संवाददाता/in24 न्यूज़.
कोरोना वायरस की महामारी और लॉकडाउन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मनसे प्रमुख राज ठाकरे की सियासत गर्मा गई है. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने सोमवार को मांग की, कि भविष्य में राज्य सरकार को अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासियों में से केवल उनको प्रवेश की अनुमति देनी चाहिए, जो वास्तविक रूप से यहां के हैं। उन्होंने कहा कि अब के बाद जब प्रवासी राज्य में प्रवेश करते हैं, तो उन्हें पंजीकृत होना चाहिए और उनका पूरा व्यक्तिगत विवरण और पहचानपत्र पुलिस के पास पेश करना चाहिए। ठाकरे ने कहा कि अगर इन आवश्यकताओं को पूरी लगन के साथ पूरा किया जाता है, तभी उन प्रवासियों को महाराष्ट्र में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी। उनकी टिप्पणी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक कथित बयान के जवाब में आई है कि अगर किसी राज्य को उनके लोगों की सेवाओं की आवश्यकता है, तो इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। ठाकरे ने कहा कि अगर ऐसा है तो महाराष्ट्र में प्रवेश करने वाले किसी भी प्रवासी को महाराष्ट्र सरकार और राज्य पुलिस से अनुमति लेने की जरूरत होगी। महाराष्ट्र सरकार को इस मामले को गंभीरता से देखने की जरूरत है। बता दें कि 2008 में ये मामला उस समय खासा उछला था, जब उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों के प्रवासियों को कई महीनों तक निशाना बनाकर आंदोलन चलाया गया था। इस कारण बड़े पैमाने पर सामाजिक-राजनीतिक उपद्रव हुए थे और बाद में ठाकरे और अन्य के खिलाफ अदालती मामले दर्ज किए गए थे। लगभग 14 साल बाद फिर ऐसा ही मुद्दा उठ रहा है।