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वीर सावरकर : भारत रत्न के लिए किसी औपचारिक सिफारिश की जरूरत नहीं

19 Nov, 2019 1019

संवाददाता/in24 न्यूज़.  
भारत रत्न किसे दिया जाए या किसे नहीं, इस विषय पर इस देश में वाद विवाद का दौर चलता रहता है और चलता भी रहेगा, मगर सरकार की सोच इस मामले में अलग है. बात अगर वीर सावरकर की हो तब उनकी महानता और त्याग की बातें स्वयं सामने आ जाती हैं. बहरहाल, बीजेपी सांसद गोपाल चिन्नाया शेट्टी ने संसद के शीतकालीन सत्र में वीर सावरकर को भारत रत्न देने के बारे में सवाल पूछा तो सरकार ने कहा कि किसी को भारत रत्न देने के लिए अनुशंसा की जरूत नहीं होती है. बल्कि केंद्र सरकार जिसे चाहे उसे दे सकती है. भारत रत्न देने का फैसला समय-समय पर लिया जाता है. इसके लिए कोई औपचारिक सिफारिश की जरूत नहीं है. लोकसभा में बीजेपी सांसद गोपाल चिन्नाया शेट्टी द्वारा पूछे गए अतारांकित प्रश्न का जवाब देते हुए केंद्र सरकार ने लिखित जवाब में कहा कि भारत रत्न के लिए सिफारिशें आती रहती हैं लेकिन इसके लिए किसी औपचारिक सिफारिश की जरूरत नहीं है. सरकार भारत रत्न के संबंध में फैसला समय आने पर करती है.महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में बीजेपी ने स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर  को भारत रत्न दिलाने का वादा किया था. हालांकि शिवसेना के अलग होने की वजह से महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार नहीं बन पाई. वीर सावरकर के पोते रणजीत सावरकर ने महाराष्ट्र में चल रहे सियासी घमासान के बीच कहा था कि उम्मीद है शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके दादा सावरकर को भारत रत्न मिले. रणजीत सिंह ने कहा था भले ही शिवसेना, एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन बन जाए. लेकिन मुझे विश्वास है कि उद्धव ठाकरे हिंदुत्व और वीर सावरकर पर अपना रुख कभी नहीं बदलेंगे.

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