शिवसेना ने गृहमंत्री देशमुख की कार्यशैली पर उठाए सवाल
संवाददाता/in24 न्यूज़।
महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर लगे वसूली आरोपों पर पहली बार शिवसेना ने सवाल उठाए है.शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए सवाल पूछा है कि निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे वसूली कर रहा था और राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख को इसकी जानकारी कैसे नहीं थी? शिवसेना ने कहा कि अनिल देशमुख ने कुछ सीनियर अफसरों से बेवजह पंगा लिया। गृहमंत्री को कम से कम बोलना चाहिए था.बेवजह कैमरे के सामने जाना और जांच का आदेश जारी करना अच्छा नहीं है. सामना में एंटीलिया केस और मनसुख हिरेन की हत्या मामले को लेकर महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी सरकार के सामने खड़ी चुनौतियां को लेकर विश्लेषण किया किया गया है. इसमें जहां एक ओर अनिल देशमुख की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए हैं तो वहीं बीजेपी पर भी निशाना साधा गया है सामना में लिखा है कि मनसुख हिरेन और एंटीलिया मामले में राज्य सरकार ने मुंबई पुलिस के आयुक्त परमबीर सिंह का तबादला कर दिया। परमबीर सिंह महत्वाकांक्षी अधिकारी हैं और होमगार्ड महासंचालक के पद पर किए गए तबादले को वो सहन नहीं कर पाए.सामना में लिखा गया है कि पुलिस आयुक्त ने गलतियां कीं इसलिए उन्हें जाना पड़ा, ऐसा एक बयान अनिल देशमुख के देने के बाद ही परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख पर 100 करोड़ वसूली का आरोप लगाया। आपको बता दे कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने गृहमंत्री अनिल देशमुख पर आरोप लगाया था कि मनसुख हिरेन की हत्या के आरोपी सचिन वाजे को वसूली का टारगेट दिया था.सामना में इन आरोपों का जिक्र करते हुए लिखा गया कि सचिन वाजे अब एक रहस्यमयी मामला बन गया है.पुलिस आयुक्त, गृहमंत्री, मंत्रिमंडल के प्रमुख लोगों का दुलारा और विश्वासपात्र रहा वाजे महज एक सहायक पुलिस निरीक्षक था सामना में लिखा गया है कि उसे यानी सचिन वाजे को मुंबई पुलिस का असीमित अधिकार किसके आदेश पर दिया गया.यह वास्तविक रूप से जांच का विषय है।