शिवसेना-बीजेपी का टूटा पुराने गठबंधन का रिश्ता
संवाददाता/in24 न्यूज़.
ढाई दशक का महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना का गठबंधन का रिश्ता टूटने की अंतिम कगार पर पहुंच चुका है. शिवसेना ने एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन के साथ मिलकर सरकार बनाने का निर्णय ले लिया है. इसके साथ ही एनसीपी द्वारा शिवसेना के एनडीए से नाता तोड़ने के बाद ही समर्थन देने की शर्त को मानते हुए शिवसेना ने एनडीए का साथ छोडऩे का निर्णय ले लिया है. केंद्र सरकार में शिवसेना के भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री अरविंद सावंत ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है. राज्यपाल द्वारा न्यौता दिए जाने के बाद भाजपा द्वारा सरकार बनाने से मना कर दिया गया था. इसके बाद सबसे बड़े दल के तौर पर शिवसेना को सरकार बनाकर बहुमत साबित करने का अवसर मिला है. आज सोमवार 11 नवम्बर को शिवसेना के नेता शाम को इस संबंध में राज्यपाल से मुलाकात भी करेंगे. कांग्रेस ने महाराष्ट्र में राजनीतिक स्थिति को देखते हुए आज वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाई है. यह बैठक कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के निवास पर होगी. देवेंद्र फडणवीस के निवास पर भाजपा कोर कमेटी की आज बैठक होने जा रही है. शिवसेना सांसद और केंद्रीय मंत्री अरविंद सावंत ने सरकार में मौजूद अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. कांग्रेस ने भी शिवसेना को लेकर अभी तक समर्थन देने की घोषणा नहीं की है. सुबह 10 बजे इसे लेकर तस्वीर साफ होगी कि कांग्रेस सरकार में शामिल होगी या बाहर से समर्थन करेगी. कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा कि सुबह 10 बजे बैठक होने वाली है. हम हाई कमान के निर्देशों के मुताबिक अगला कदम उठाएंगे, लेकिन हमारा वास्तविक निर्णय और जनादेश विपक्ष में बैठने का है. यह वर्तमान स्थिति है. महाराष्ट्र में सबसे बड़े दल भाजपा के बाद शिवसेना को सरकार बनाने का निमंत्रण मिला है. शिवसेना को अगर एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन का साथ मिल जाता है तो तीनों दल मिलकर राज्य में आसानी से सरकार बना लेंगे. भाजपा को इस बार जहां 105 सीटें मिली हैं. वहीं शिवसेना को 56 सीटें हासिल हुई हैं. एनसीपी को 54 सीटेंं और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं. ऐसे में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस तीनों दलों की सीटें मिलाकर 154 हो जाती हैं. जो बहुमत के आंकड़े 145 से 9 सीटें ज्यादा हैं.