डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने दहिसर टोल नाका के स्थानातरण को दी मंजूरी
मुंबई से सटे मीरा भाईंदर वासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दरअसल शहर के पास स्थित दहिसर टोल नाके को शिफ्ट किया जा रहा है। जिसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। महाराष्ट्र सरकार के परिवहन मंत्री प्रतापसरनाईक ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ इसका निरीक्षण किया।
टोल नाका दिवाली से पहले वर्सोवा ब्रिज के पास शिफ्ट किया जाएगा। दहिसर टोल नाके के हटने से मुंबई जाने में करीब 30 मिनट समय बचेगा। तो वहीं मुंबई में प्रवेश करने वाले लाखों वाहन चालकों और मीरा-भाईंदर के 15 लाख से अधिक स्थानीय नागरिकों को आखिरकार बड़ी राहत मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के दखल से सुलझे दहिसर टोल नाके के मुद्दे को मुंबईकरों के लिए बड़े दिवाली गिफ्ट के तौर पर देखा जा रहा है। इस टोल नाके की वजह से सालों से जाम और प्रदूषण की समस्या थी। दहिसर टोल नाके को अब शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुए फैसले के अनुसार नया टोल नाका दहिसर से करीब 2 किलोमीटर आगे वर्सोवा पुल के सामने स्थित नर्सरी इलाके में बनाया जाएगा और इसे दिवाली से पहले चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। दहिसर टोल नाका लाखों लोगों की रोजमर्रा की परेशानी का पर्याय बन गया था। इसके शिफ्ट होने से मीरा-भाईंदर और मुंबई के बीच रोजाना करीब 2.5 से 3 लाख वाहन को लाभ मिलेगा।
टोल नाका पर लगने वाले 10 से 15 मिनट का इंतजार कई बार 30 से 45 मिनट तक बढ़ जाता है। ऐसे में ट्रैफिक जाम से रोजाना हजारों लीटर ईंधन की बर्बादी होती है। अब जहां समय बचेगा तो वहीं प्रदूषण भी नहीं होगा। हालांकि इस फैसले को लेकर महाराष्ट्र नव निर्माण सेना ने सवाल उठाए हैं और अपनी तरफ से एक बड़ी मांग कर दी है।
दरअसल मीरा भाईंदर मसने के शहर अध्यक्ष डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक से मांग की है कि टोल नाके को शिफ्ट करने की बजाय हमेशा हमेशा के लिए बंद कर दिया जाए। ताकि लोगों को राहत मिल सके। उनका कहना है कि टोल नाके के स्थानांतरण से ट्रैफिक समस्या का हल नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि इसका पूरा फायदा नागरिकों को नहीं मिलेगा यदि टोल नाका बंद किया जाता है तो इसका लाभ हो सकता है।