कोलकाता हाई कोर्ट ने राम नवमी जुलूस को दी मंजूरी !
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल सरकार ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा में रामनवमी के अवसर पर आयोजित रैली पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद हिंदू संगठनों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अंततः न्यायालय ने रामनवमी के अवसर पर रैली आयोजित करने की अनुमति दे दी है। इससे कलकत्ता हाईकोर्ट से बनर्जी सरकार को बड़ा झटका माना जा रहा है।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हिंदू संगठन अंजनी पुत्र सेना को हावड़ा में प्रस्तावित मार्ग पर रामनवमी रैली आयोजित करने की अनुमति दे दी है। शुरुआत में बनर्जी सरकार ने इस रैली के आयोजन पर आपत्ति जताई थी। इस मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 4 अप्रैल को रामनवमी के अवसर पर रैली आयोजित करने की इजाजत दे दी है। कोर्ट ने इजाजत देते हुए कुछ शर्तें भी लगाई हैं।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शांतिपूर्ण रैली के लिए हिंदू संगठन पर कुछ शर्तें लगाई हैं। यह रैली नरसिंह मंदिर से शुरू होकर जीटी रोड होते हुए हावड़ा मैदान में समाप्त होगी। यह धार्मिक आयोजन हर साल रामनवमी के अवसर पर आयोजित किया जाता है। रैली पूरी तरह शांतिपूर्ण होनी चाहिए और इस दौरान कोई भी हथियार नहीं रखेगा। झंडे और प्लास्टिक की गदा का उपयोग किया जा सकता है। रैली के आगे और पीछे पुलिस वाहन तैनात किए जा सकते हैं। रैली सुबह 8:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे के बीच पूरी हो जानी चाहिए। इसमें 500 लोग भाग ले सकते हैं, जिन्हें अपना आधार कार्ड और पैन कार्ड प्रस्तुत करना होगा।
पुलिस ने हिंदू संगठन से कहा था कि पिछले साल 17 अप्रैल को आयोजित जुलूस के दौरान उच्च न्यायालय के कई नियमों का उल्लंघन किया गया था। इसमें रैली में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 200 से कम रखने का नियम भी शामिल था। पुलिस ने बताया कि 200 लोगों की सीमा के बावजूद कार्यक्रम में चार से पांच हजार लोग शामिल हुए। इसके अलावा डीजे साउंड सिस्टम का उपयोग कर हाईकोर्ट के आदेश का भी उल्लंघन किया गया।