इंटरनेशनल क्रिकेट से धोनी का सन्यास
संवाददाता/in24 न्यूज़.
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इंटरनेशनल क्रिकेट से सन्यास लेने की अचानक घोषणा से हर किसी को हैरान कर दिया. इंस्टाग्राम पर धोनी पोस्ट किया कि अब तक आपके प्यार और सहयोग के लिए धन्यवाद। शाम 07:29 मिनट से मुझे रिटायर्ड समझिए। इंस्टाग्राम के इस पोस्ट के साथ ही भारत के एक सफलतम क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के अंतर्राष्ट्रीय करियर का अंत हो गया । वो दुनिया के इकलौते ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने अपनी कप्तानी में टीम को तीन आईसीसी ट्रॉफी दिलाई हैं। धोनी की कप्तानी में भारत ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप, 2011 वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी खिताब जीता है। धोनी हालांकि इंडियन प्रीमियर लीग खेलेंगे। धोनी चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान हैं और आईपीएल के 13वें सीजन के लिए ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लेने के लिए चेन्नई पहुंच चुके हैं। भारत के लिये उन्होंने 350 वनडे, 90 टेस्ट और 98 टी20 इंटरनैशनल मैच खेले। करियर के आखिरी चरण में वो खराब फॉर्म से जूझते रहे जिससे उनके भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जाती रहीं। उन्होंने वनडे क्रिकेट में पांचवें से सातवें नंबर के बीच में बल्लेबाजी के बावजूद 50 से अधिक की औसत से 10773 रन बनाए। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 38.09 की औसत से 4876 रन बनाये और भारत को 27 से ज्यादा जीत दिलाईं। आंकड़ों से हालांकि धोनी के करियर ग्राफ को नहीं आंका जा सकता।झारखंड क्रिकेट से उठकर धोनी भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे कामयाब कप्तानों तक पहुंचे। उनकी कप्तानी में ही भारत ने पहले वर्ल्ड टी20 का खिताब जीता था। 2007 में युवा टीम के साथ धोनी ने यह करिश्मा किया था। इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में 2 अप्रैल 2011 को उनकी कप्तानी में भारत ने करीब 28 साल बाद वर्ल्ड कप (50 ओवर) की ट्रोफी पर कब्जा किया था। फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ लगाया गया वह विजयी छक्का भला कौन भूल सकता है। धोनी का हेलीकॉप्टर शॉट भी कभी नहीं भूला जा सकता.