धोखाधड़ी मामले में मार्क जुकरबर्ग के खिलाफ केस दर्ज
संवाददाता/in24 न्यूज़.
लोकप्रिय सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक के मुखिया मार्क जुकरबर्ग ने 8 अगस्त 2014 को तब लोकप्रिय एप ‘फोटो’ डाउनलोड कर तस्वीरें लीं। फेसबुक के कई अधिकारियों ने भी ऐसा किया। एप को फेसबुक ने अपने साथ इंटीग्रेट किया, सब्जबाग दिखाए। फिर अचानक किनारा कर लिया। अंततः 2017 में यह एप बंद हो गया। अब फोटो एप के संस्थापकों ने न्यूयॉर्क में फेसबुक पर मुकद्दमा किया है। उनके अनुसार फोटो एप से प्रतिस्पर्धा खत्म करने के लिए फेसबुक ने यह दिखावा किया। स्टार्टअप फोटो एप के संस्थापकों कैंप बैनेट, उमर अल सईद व आरमंड ने मुकद्दमे में बताया कि जुकरबर्ग और फेसबुक के अन्य अधिकारियों ने साझेदारी के लिए बातचीत शुरू की थी, लेकिन इसे कभी हकीकत नहीं बनने दिया। बल्कि अपने इंस्टाग्राम पर ऐसे फीचर लॉन्च कर दिए, जो उनकी नकल थे। फोटो और इंस्टाग्राम के बीच इंटीग्रेशन भी धीरे-धीरे बंद कर दिया गया। इस स्टार्टअप ने गैरी एल रेबैक को अपना वकील बनाया है, जिन्हें 90 के दशक में माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ लड़े गए प्रतिस्पर्धारोधी कानून उल्लंघन के एक मामले के लिए जाना जाता है। उस मामले में माइक्रोसॉफ्ट को साल 2001 में कोर्ट के बाहर समझौता करना पड़ा था। वर्तमान मामले में फोटो एप ने यह नहीं बताया कि वह फेसबुक से कितना वित्तीय मुआवजा चाहता है। गैरी के मुताबिक़ फेसबुक पर पहले भी प्रतिस्पर्धा खत्म करने के लिए उचित-अनुचित तरीके अपनाने के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन इस बार तो खुद जुकरबर्ग इसमें लिप्त हैं। प्रतिस्पर्धा का ऐसा खुला दमन तो माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स भी नहीं कर पाते थे। उन्होंने ज़ुकरबर्ग को ‘वर्चस्ववादी सीईओ’ करार दिया। दूसरी ओर, मेटा कंपनी (फेसबुक का नया नाम) के प्रवक्ता जो ओसबोर्न ने कहा कि मुकदमे में कोई दम नहीं है। वे अपना बचाव पूरी मजबूती से करेंगे। 2012 में बने इस स्टार्टअप ने 2014 में एपल स्टोर पर एप लॉन्च किया। इससे लोग फोटो एडिट करते, कई फोटो जोड़कर वीडियो बनाते थे। इसे काफी लोकप्रियता मिली। माइली साइरस, बेयोंसे, कैटी पेरी जैसी सेलिब्रिटीज ने प्रमोशन किया। जुकरबर्ग के साथ इंस्टा के संस्थापक केविन सिस्ट्रोम ने भी इसे अपनाया। बता दें कि यह विवाद और गहरा हो सकता है।