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पीएम के मीडिया सलाहकार सहित सूडान में कई मंत्रियों को बनाया गया बंदी

25 Oct, 2021 738

संवाददाता/in24 न्यूज़।
एक बड़े उलटफ़ेर के बाद सूडान के प्रधानमंत्री अब्दुल्ला हमदोक को सोमवार सुबह एक अज्ञात सैन्य बल द्वारा उनके घर की घेराबंदी करने के बाद नजरबंद कर दिया गया। सैन्य बल ने सूडान के प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार के घर पर भी धावा बोला और उन्हें हिरासत में लिया। सूत्रों के मुताबिक अज्ञात सूडानी सैन्य बलों ने चार कैबिनेट मंत्रियों और सत्तारूढ़ संप्रभु परिषद के एक सदस्य को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले सेना समर्थक प्रदर्शनकारियों ने रविवार को सूडान की राजधानी में प्रमुख सड़कों और पुलों को अवरुद्ध कर दिया था। जिसके बाद सूडान के सुरक्षाबलों ने सेना समर्थक प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सूडान की राजधानी खार्तूम में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।प्रदर्शनकारियों ने रविवार को खार्तूम में प्रमुख सड़कों और पुलों को कुछ समय के लिए अवरुद्ध कर दिया था, जिससे मध्य क्षेत्र उत्तरी हिस्से से कट गया था। जनरलों और लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के बीच बढ़ते तनाव के बीच, यह घटनाक्रम हॉर्न ऑफ अफ्रीका के लिए अमेरिका के विशेष दूत जेफरी फेल्टमैन के खार्तूम में सैन्य और नागरिक नेताओं के साथ मुलाकात के एक दिन बाद हुआ। जेफरी फेल्टमैन दोनों पक्षों के बीच समझौते के लिए खार्तूम पहुंचे थे। लगभग तीन दशकों के निरंकुश शासन के बाद अप्रैल 2019 में सेना द्वारा अल-बशीर और उनकी इस्लामी सरकार को सत्ता से बेदखल करने के बाद से सत्ताधारी सरकार में सेना और नागरिकों के बीच खटास से सूडान में स्थिति नाजुक है। सूडान की राजधानी खार्तूम में पूर्ण नागरिक सरकार की मांग को लेकर हाल ही में हजारों लोग एक-साथ सड़कों पर उतरे थे। देश के भविष्य को लेकर इन दिनों वहां सैन्य जनरलों और सूडान के लोकतंत्र समर्थक समूहों के संबंध काफी खराब हो गये हैं। सूडान पर साल 2019 से एक अंतरिम नागरिक-सैन्य सरकार का शासन है। इस सेना ने लंबे समय से कायम निरंकुश शासक ओमर अल-बशीर को बड़े जन-विरोध के बाद अप्रैल, 2019 में हटा दिया था। अल-बशीर के तख्तापलट के साथ, सत्तारूढ़ जनरलों ने विरोध आंदोलन का प्रतिनिधित्व करने वाले नागरिकों के साथ सत्ता साझा करने पर सहमति जताई थी। उसके बाद से सूडान में सब कुछ अस्थिर रहा है। कुछ दिन पहले, एक प्रतिद्वंद्वी समूह ने सैन्य नेताओं के समर्थन में रैली की थी, गुरुवार को इसी रैली के जवाब में रैलियां आयोजित की गई थीं। गुरुवार को सूडान की राजधानी में हजारों पुरुषों और महिलाओं ने सूडानी झंडा लहराते हुए नारे लगाए और मार्च किया, “हम स्वतंत्र हैं, हम क्रांतिकारी हैं, हम अपनी यात्रा जारी रखेंगे।” पिछले महीने सेना के भीतर तख्तापलट के प्रयास को विफल करने के बाद से नागरिकों और जनरलों के बीच तनाव बढ़ गया है। अधिकारियों ने इस कदम के लिए अल-बशीर के वफादारों को जिम्मेदार ठहराया है। सैन्य नेताओं ने भी अपनी दिशा में बदलाव के संकेत दिए थे। बता दें इससे पहले अफ़ग़ानिस्तान पर भी तालिबान ने कब्ज़ा किया था।

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