भारत के साथ मिलकर काम करेगा श्रीलंका : राजपक्षे
संवाददाता/in24 न्यूज़.
पड़ोसी देश में अगर अशांति हो तब उसके पास वाले देश भी चिंतित हो जाते हैं, भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने कहा कि श्रीलंका, भारत के साथ मिलकर काम करेगा और वह ऐसा कुछ भी नहीं करेगा, जिससे भारत के हितों को नुकसान पहुंचे. गोतबया राजपक्षे ने इस सप्ताह के अंत में 29 नवंबर को अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली आ रहे हैं. चीन के समर्थक माने जाने वाले राजपक्षे ने कहा कि वे चाहते हैं कि श्रीलंका एक तटस्थ देश बने और सभी देशों के साथ मिलकर काम करे. राजपक्षे ने कहा कि हम भारत के साथ मित्रवत देश के रूप में काम करेंगे और ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे, जिससे भारत के हितों को नुकसान पहुंचे. उन्होंने कहा कि हम एक तटस्थ देश बनना चाहते हैं. हम महाशक्तियों के शक्ति संघर्षों के बीच नहीं आना चाहते हैं. हम बहुत छोटे देश हैं और हम इस संतुलनकारी कृत्यों में शामिल होने के बाद जिंदा नहीं रह सकते हैं. राजपक्षे ने कहा कि वह भारत और चीन, दोनों के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं. हम सभी देशों के साथ काम करना चाहते हैं और हम ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहते हैं, जो उस मामले के लिए किसी अन्य देश को नुकसान पहुंचाए. हम भारतीय चिंताओं के महत्व को समझते हैं, इसलिए हम किसी भी गतिविधि में संलग्न नहीं हो सकते हैं, जिससे भारत की सुरक्षा को खतरा हो. राजपक्षे ने कहा कि हिंद महासागर एक महत्वपूर्ण स्थान है और वर्तमान भू-राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. श्रीलंका ऐसी जगह पर स्थित है, जिसका रणनीतिक महत्व बहुत अधिक है और पूर्व से पश्चिम तक सभी समुद्री लेन देश के करीब से गुजर रही हैं. उन्होंने कहा कि इन समुद्री गलियारों को मुक्त होना चाहिए और किसी भी देश को इन्हें नियंत्रित नहीं करना चाहिए.