गुलशन कुमार हत्याकांड से रमेश तौरानी बरी, अब्दुल रऊफ की सज़ा बरक़रार
संवाददाता/in24 न्यूज़.
बॉम्बे हाई कोर्ट ने टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार हत्या मामले से जुड़ी याचिका पर फैसला सुना दिया है। इसमें हत्या के एक दोषी अब्दुल रऊफ उर्फ दाऊद मर्चेंट की सजा को बरकरार रखा गया है। अब्दुल रऊफ अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का साथी है। उसे सेशन कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी। हाई कोर्ट ने साफ कहा कि अब्दुल रऊफ किसी तरह की उदारता का हकदार नहीं है क्योंकि वह पहले भी पैरोल के बहाने बांग्लादेश भाग गया था। वहीं रमेश तौरानी को मामले में बरी कर दिया गया है। कोर्ट को उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। इसीलिए तौरानी के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार की याचिका को खारिज कर दिया गया। बता दें कि जस्टिस जाधव और बोरकर की बेंच ने इस केस का फैसला सुनाया। गुलशन कुमार की हत्या से जुड़ी कुल चार याचिकाएं बॉम्बे हाई कोर्ट में आई थीं। इसमें तीन अपील रऊफ मर्चेंट, राकेश चंचला पिन्नम और राकेश खाओकर को दोषी ठहराए जाने के खिलाफ थीं। मर्चेंट को गुलशन कुमार हत्या के केस में दोषी ठहराया था, अब कोर्ट ने उसकी सजा को बरकरार रखा है। गुलशन कुमार मर्डर केस में एक अन्य आरोपी अब्दुल राशिद को बॉम्बे हाईकोर्ट ने दोषी ठहराया है। उसे पहले सेशन कोर्ट ने बरी कर दिया था। दाऊद के गुर्गे अब्दुल रशीद को बॉम्बे हाईकोर्ट ने दोषी ठहराए हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 12 अगस्त 1997 को गुलशन कुमार मंदिर से घर लौटकर जा रहे थे तभी कुछ बदमाशों ने गुलशन कुमार पर गोलियां बरसा दीं थीं। बता दें कि गुलशन कुमार की हत्या के बाद हड़कंप मच गया था।