पैसे कमाने के चक्कर में महिला ने युवाओं को नशे की लत लगाई
संवाददाता/in24 न्यूज़.
पैसे कमाने की लालच में कई बार लोग हद से गुज़र जाते हैं. दिल्ली में एक औरत ने सिर्फ इसलिए दो हज़ार से ज़्यादा युवाओं को नशा करने की लत लगा दी क्योंकि उसे अमीर बनना था. पति का आयात निर्यात का मोटा कारोबार है। उसका बिजनेस भी अच्छा भला चल रहा था। फिर भी, कमाई में हुए घाटे की भरपाई को पत्नी ने भयानक फैसला ले लिया। वो फैसला जिसने करीब दो हजार से ज्यादा युवाओं को नशे के दलदल में धकेल दिया। फिलहाल कानून के शिकंजे में फंसी आरोपी महिला अब थाने-चौकी के धक्के खा रही है। तमाम सनसनीखेज खुलासे नशे की सौदागार व्हाट्सएप-मैम ने पुलिस पूछताछ में किये हैं। कॉन्वेंट एजुकेटेड इस हाई प्रोफाइल महिला ड्रग तस्कर को मुखर्जी नगर इलाके से पुलिस ने बीते दिनों ही गिरफ्तार किया था। महिला युवाओं और छात्रों को खुद ही लॉकडाउन में ड्रग सप्लाई करने जाती थी। महिला होने के नाते उस पर किसी पुलिस वाले को जल्दी शक नहीं होता था। गिरफ्तारी के बाद जब महिला को पुलिस ने पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया, तो अब एक के बाद एक बड़े खुलासे हो रहे हैं। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, महिला ड्रग तस्करी के आर्डर व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये ही बुक करती थी। ड्रग सप्लाई की एक पूरी चेन थी। इस चेन में अधिकांश छात्र और बिगड़ैल किस्म के युवा थे। पुलिस जांच में ही इसका खुलासा हुआ है कि महिला ई-सिगरेट से लेकर हुक्का, नार्ड-किट, जूल पॉड्स तक, सब कुछ उपलब्ध करा रही थी। जूल की कीमत करीब चार-पांच हजार के आसपास बताई जाती है। जबकि इसके साथ ही अटैच होने वाला पॉड्स 3 से 5 हजार के बीच मिलता है। हालांकि इन सबमें महंगा होता है नार्ड किट। इसकी कीमत 6 से 8 हजार के बीच भी हो सकती है। यह सब कुछ महिला ड्रग तस्कर महज एक व्हाट्सएप मैसेज पर ग्राहक को मुहैया करा देती थी। डिलीवरी करने खुद ही पहुंचती थी। ताकि डिलीवरी देने जाने वाला कोई अन्य या बिचौलिया कहीं ग्राहक से अपनी सीधी सेटिंग न कर ले। महिला के शातिराना दिमाग का अंदाजा इससे भी लगता है कि वो पेमेंट पेटीएम से ही लेती थी। एक ही छात्र को 3 से 4 लाख की ड्रग सप्लाई की बात अभी सामने आयी है। पुलिस इस हिसाब से महिला की अनुमानित कमाई करोड़ों रुपये में मानकर जांच कर रही है। पता चला है कि महिला सन 2014-2015 के आसपास नशे के कारोबार में तब उतरी थी, जब उसे प्रॉपर्टी के धंधे में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ गया। महिला का सोचना था कि ड्रग के कारोबार में वो जल्दी ही घाटे की भरपाई कर लेगी।