मुंबई लोकल में बढ़ी यात्रियों की संख्या
संवाददाता/in24 न्यूज़।
आर्थिक राजधानी मुंबई में पिछले महीने 1 फरवरी को सामान्य लोगों को अनुमति मिलने के बाद लोकल ट्रेनों में यात्रियों की संख्या दुगुनी हो गई। लॉकडाउन से पहले जहां मुंबई में 80 लाख यात्री रोजाना चलते थे, वह आंकड़ा फिलहाल 40 लाख तक ही पहुंच पाया है। लॉकडाउन के दौरान अति आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए रेलवे ने 15 जून 2020 से लोकल ट्रेनें शुरू की थी। शुरुआत में केवल 30 हजार यात्री लोकल में यात्रा करते थे। समय के साथ यात्री और ट्रेनों की संख्या बढ़ती है।महिलाओं को लोकल ट्रेनों में अनुमति मिलने के बाद 3 नवंबर, 2020 तक रेलवे सर्विस संख्या बढ़ाकर 2773 कर दी, जबकि यात्रियों की संख्या 10 लाख तक पहुंच गई। इस हिसाब से प्रति ट्रेन 320 यात्रियों का औसत रहा। कोविड के खतरे को देखते हुए ये सुरक्षित आंकड़ा था। 29 जनवरी, 2021 तक यात्रियों की संख्या 19 लाख पहुंच गई, इस दौरान रेलवे 2987 सर्विस चलाने लगी।इस दौरान प्रति सर्विस में औसतन 636 लोग यात्रा कर रहे थे, जो ट्रेन की कुल क्षमता से लगभग आधा था। अब प्रतिदिन लगभग 40 लाख यात्री सफर करने लगे हैं, जबकि सर्विस संख्या में कोई इजाफा नहीं हुआ है। 1 फरवरी से आम लोगों को नॉन पीक आवर्स यानी सुबह पहली लोकल चलने से लेकर सुबह 7 बजे तक फिर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक और फिर रात 9 बजे के बाद आखिरी लोकल चलने तक यात्रा की अनुमति दी गई है। समय के इस बंधन के कारण भीड़ नियंत्रण करने में परेशानी हो रही है.मुंबई में फिलहाल रोजाना 2,987 लोकल ट्रेनें चल रही हैं, जबकि सामान्य स्थिति में 3,141 सेवाएं चलती हैं। पश्चिम रेलवे रोजाना 1301 सर्विस चला रही है। मध्य रेलवे पर फिलहाल 1686 सेवाएं चल रही हैं।रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले एक महीने में यात्री बढ़े हैं, लेकिन संख्या 40 लाख के आसपास रुक गई है। इसलिए सर्विस बढ़ाने पर फिलहाल कोई विचार नहीं हो रहा है। अधिकारी ने बताया कि सामान्य यात्रियों को अनुमति देने के बाद निश्चित तौर पर भीड़ को नियंत्रण करने में चुनौतियां सामने आ रही हैं। दोपहर 12 से 2 बजे तक और शाम 4 बजे बेतहाशा भीड़ होती है। अधिकारी के मुताबिक इस दौरान प्रति लोकल 2000-2400 तक यात्री संख्या पहुंच जाती है। इसी में कई यात्री लापरवाही बरतते हैं और जो आंकड़े बढ़ रहे हैं.