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सुप्रिया सुले की पीएम मोदी से मुलाकात, नवी मुंबई एयरपोर्ट समेत कई मुद्दों पर चर्चा

10 Aug, 2026 28

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार गुट के सांसदों ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्दी से मुलाकात की। सांसद सुप्रिया सुले के मुताबिक, बैठक करीब 15 मिनट चली। इसमें महाराष्ट्र से जुड़े कई जरूरी मुद्दों पर बात हुई। उन्होंने कहा कि संसद की कार्यवाही ठीक से नहीं चल पा रही है, इसलिए सांसदों ने अपने इलाकों की समस्याएं सीधे प्रधानमंत्री के सामने रखने का फैसला किया। बैठक में सूखा, प्याज की कीमत, नदी में बढ़ता प्रदूषण और कई विकास योजनाओं से जुड़े मुद्दे उठाए गए। सुले ने साफ किया कि बैठक में किसी राजनीतिक समझौते को लेकर चर्चा नहीं हुई।

बैठक में नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नाम का मुद्दा भी उठाया गया। सांसद अमोल कोल्हे ने मांग की कि हवाई अड्डे का नाम किसान नेता दि. बा. पाटील के नाम पर रखा जाए। इसके अलावा पुणे-नासिक मेट्रो, संभाजीनगर से जुड़ी विकास योजना, जेएनपीटी बंदरगाह और कल्याण-मुरबाड रेल लाइन जैसे मुद्दों पर भी प्रधानमंत्री का ध्यान दिलाया गया। इन मांगों का संबंध महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों के विकास और लोगों की सुविधाओं से है। हालांकि, अभी इन मुद्दों पर केंद्र सरकार की ओर से कोई अंतिम फैसला नहीं आया है।

सांसदों ने किसानों से जुड़े मुद्दों को भी प्रधानमंत्री के सामने रखा। महाराष्ट्र के कई इलाकों में सूखे की समस्या को लेकर मदद की मांग की गई। प्याज की कीमत का मुद्दा भी उठाया गया, क्योंकि इसका असर किसानों और आम लोगों दोनों पर पड़ता है। इसके अलावा चंद्रभागा नदी में प्रदूषण की समस्या पर भी ध्यान देने की मांग की गई। सांसदों ने कहा कि इन मुद्दों पर केंद्र सरकार की मदद जरूरी है और इन्हें जल्द सुलझाने की जरूरत है।

बैठक में महाराष्ट्र के कुछ बड़े सामाजिक और ऐतिहासिक नामों को भारत रत्न देने की मांग भी रखी गई। सांसदों ने ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले, शाहीर अन्नाभाऊ साठे और संत तुकडोजी महाराज के नाम प्रधानमंत्री के सामने रखे। हालांकि, इन मांगों पर भी अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। सुप्रिया सुले ने बैठक को लेकर कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य अपने क्षेत्र और महाराष्ट्र की जनता से जुड़े मुद्दों को प्रधानमंत्री तक पहुंचाना था।

अब नजर इस बात पर है कि प्रधानमंत्री के सामने रखी गई इन मांगों पर आगे क्या कार्रवाई होती है। नवी मुंबई हवाई अड्डे के नाम से लेकर सूखे, प्याज की कीमत और रेल व मेट्रो परियोजनाओं तक कई मुद्दों पर सांसदों ने अपनी बात रखी है। फिलहाल इन पर सरकार के अगले कदम का इंतजार है। अगर केंद्र सरकार किसी मांग पर फैसला लेती है या संबंधित मंत्रालयों को कार्रवाई के निर्देश देती है, तो आगे तस्वीर साफ होगी।

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