जीएसटी परिषद की बैठक में हो सकता है बड़ा बदलाव
जीएसटी परिषद की दो दिवसीय बैठक आज से गुवाहाटी में शुरू हो गयी और इस बैठक में जीएसटी परिषद कई अहम फैसले ले सकती है। यह माना जा रहा है कि परिषद 28 फीसदी टैक्स स्लैब में शामिल आधे से ज्यादा उत्पादों को 18 फीसदी या उससे कम टैक्स स्लैब में ला सकती है। पश्चिम बंगाल ने 28 फीसदी में शामिल 165 से भी ज्यादा उत्पादों को इससे बाहर निकालने की मांग की है और अगर ऐसा हुआ तो 28 फीसदी टैक्स स्लैब में सिर्फ 62 उत्पाद रह सकते हैं।

कल तक चलने वाली इस बैठक में जीएसटी परिषद कारोबारियों को राहत देने के लिए भी कई अहम फैसले लिए जा सकते है इसमें कंपोजिशन स्कीम की सीमा 1 करोड़ से 1.5 करोड़ करने पर विचार किया जा सकता है। इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी तोहफा मिल सकता है। फिलहाल जीएसटी परिषद में जिन उत्पादों को 28 फीसदी से निकालकर 18 और 12 फीसदी किये जाने की अटकलें लगाई जा रही है उनमे ज्यादातर घरों के निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले सामग्रियों का समावेश है।
मीडिया के रिपोर्ट के मुताबिक इस बैठक में घर में इस्तेमाल होने वाले फर्नीचर पर टैक्स रेट कम हो सकते हैं। फिलहाल इस समय में फर्नीचर और लकड़ी का ज्यादातर सामान 28 फीसदी टैक्स स्लैब में है जिसे जीएसटी परिषद 18 फीसदी कर सकती है। फर्नीचर के साथ ही जीएसटी परिषद आमतौर पर घर में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिक स्विच और प्लास्टिक पाइप्स को भी 28 फीसदी से निकालकर 18 फीसदी के टैक्स स्लैब में रख सकती है।
इस बैठक में फर्नीचर के अलावा वॉश बेसिन, सीट्स और कवर, प्लास्टिक सैनिटरी वेयर समेत अन्य सामानों का रेट भी घटाया जा सकता है। घर बनाने के दौरान इस्तेमाल होने वाले ग्रेनाइट पत्थर और ब्लॉक का रेट भी कम किया जा सकता है। इससे आम लोगों के लिए भी घर निर्माण सस्ता होगा। दांतों की देखभाल और महिलाओं के मेकअप का काफी ज्यादा सामान भी 28 फीसदी टैक्स स्लैब में शामिल है जिसे जीएसटी परिषद इसे भी नीचे लाने पर विचार कर सकती है और इसमें डेंटल फ्लस, टूथ पाउडर समेत अन्य चीजें शामिल हैं।