तेल संयंत्र पर हमले के बाद तेल की कीमतों में उछाल
संवाददाता/in24 न्यूज़.
इनदिनों पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़कर रख दी है। सऊदी अरब स्थित तेल डिपो और संयंत्रों पर यमन के हाउती विद्रोहियों के हमले के बाद तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के बीच तेल की कीमतों में उछाल आया है। हमले के बाद न्यूयार्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर शुक्रवार को वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (कच्चे तेल के एक प्रकार) की कीमतें 1.56 के उछाल के साथ प्रति बैरल 113़ 4 डॉलर पर पहुंच गयी। लंदन आईसीआई फ्यूचर एक्सचेंज में ब्रेंट क्रूड की मई डिलीवरी की कीमतें 1.62 डॉलर के उछाल के साथ 120.65 डॉलर प्रति बैरल पर आ गयीं।यमन के हाउती विद्रोहियों ने शुक्रवार को सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको के जेद्दा स्थित तेल डिपो पर ड्रोन और मिसाइलों से किए गए हमले की जिम्मेदारी ले ली है। बता दें कि एक हफ्ते से भी कम समय सीमा के भीतर यह इस तरह का तीसरा हमला है। हाउती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारा ने इनके द्वारा संचालित अल-मसीरा टीवी पर प्रसारित एक बयान में कहा है कि बम से लदे कई ड्रोन की मदद से रास तनुरा और राबिघ में तेल रिफाइनरियों के साथ-साथ जजान और नजरान में अरामको के तेल डिपो को निशाना बनाया गया। इसके अलावा, विंग मिसाइलों के एक बैराज ने जेद्दा और सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अरामको तेल डिपो को भी अपना निशाना बनाया। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के कार्यकारी निदेशक फतह बिरोल ने गुरुवार को कहा कि यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष के कारण तेल बाजारों में स्थिति पहले से ही गरमाई हुई है और अब इस खबर ने आग में घी डालने का काम किया है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर आपातकालीन भंडार से तेल जारी करने की आईईए की इच्छा जाहिर की। इसके साथ ही श्री बिरोल ने कहा कि आईईए में शामिल सदस्यीय देश रूस से तेल और गैस की आयात को कम किए जाने की भी मांग कर रहे हैं। बहरहाल, आम आदमी को इस महंगाई से कब राहत मिलेगी, यह सवाल लगातार सामने खड़ा है।