कई राज्यों में दिवाली पर पटाखे फोड़ने पर सरकारी गाइडलाइंस जारी
संवाददाता/in24 न्यूज़.
देश दिवाली (Diwali) मानाने के मूड में है पर प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी के मुद्दे पर होने के कारण कई राज्यों में पटाखे फौड़ने को लेकर सरकार की तरफ से गाइडलाइंस जारी की गई है। दिल्ली समेत कई राज्यों में आतिशबाजी और पटाखों पर प्रतिबंध के बाद इस बार की दिवाली फीकी पड़ सकती है। देश की राजधानी दिल्ली में दिवाली को लेकर सख्त पाबंदियां की गई हैं। दिल्ली में वायु और ध्वनि प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली में पटाखों के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और फोड़ने पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस साल दिवाली पर पटाखे फोड़ते या बेचते पाए जाने वालों के लिए 200 रुपये से 5,000 रुपये तक का जुर्माना या तीन साल के कैद की घोषणा की गई है। कुछ राज्यों के विपरीत उत्तर प्रदेश सरकार ने पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिवाली के दौरान पर्यावरण के अनुकूल पटाखों की बिक्री और खरीद को प्रोत्साहित किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि अति संवेदनशील पटाखों की बिक्री शहरों में नहीं होनी चाहिए। बिहार सरकार ने पटना, मुजफ्फरपुर और गया में सभी प्रकार के पटाखों के उत्पादन, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इन शहरों को कथित तौर पर राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत गैर-प्राप्ति शहरों के रूप में चिह्नित किया गया है। राज्य सरकार ने इन शहरों में हरित पटाखों पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। पंजाब सरकार ने चंडीगढ़ समेत अन्य शहरों में ग्रीन पटाखे फोड़ने के लिए दो घंटे की अनुमति दी है। दिवाली पर रात 8 बजे से रात 10 बजे तक लोगों को पटाखे जलाने की इजाजत है। प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पटाखों की बिक्री, खरीद और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि, ग्रीन पटाखों की अनुमति है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों के बाद यह निर्णय लिया गया। देश की आर्थिक राजधानी में मुंबई पुलिस ने बिना अनुमति पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है। बिना लाइसेंस पटाखा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि सरकारी पाबंदी के बाद देश के लोग इस गाइडलाइंस को कितना मानते हैं!