किसानों को भ्रमित किया जा रहा है : पीएम मोदी
संवाददाता/in24 न्यूज़.
किसानों के लिए सरकार ने भले ही बड़ा कदम उठाया है, बावजूद नए कृषि बिलों के खिलाफ आज किसान सडकों पर हैं. किसान इन बिलों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं. किसान संगठनों का कहना है कि सरकार के हमसे बातचीत न करने, इस आंदोलन को महत्व न देने से लगता है कि आंदोलन लंबा चलेगा. इस बीच बीजेपी आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मना रही है. इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के अनेक दशकों तक किसान और श्रमिक के नाम पर खूब नारे लगे, बड़े-बड़े घोषणा पत्र लिखे गए, लेकिन समय की कसौटी ने सिद्ध कर दिया है कि वो सारी बातें कितनी खोखली थीं, सिर्फ नारें थे. देश अब इन बातों को भली भांति जानता है. किसानों को ऐसे कानूनों में उलझाकर रखा गया, जिसके कारण वो अपनी ही उपज को, अपने मन मुताबिक बेच भी नहीं सकता था. नतीजा ये हुआ कि उपज बढ़ने के बावजूद किसानों की आमदनी उतनी नहीं बढ़ी. हां, उन पर कर्ज जरूर बढ़ता गया. उन्होंने कहा कि किसानों से जिन्होंने हमेशा झूठ बोला है वो लोग इन दिनों अपने राजनीतिक स्वार्थ की वजह से किसानों के कंधे पर बंदूक फोड़ रहे हैं. किसानों को भ्रमित करने में लगे हैं, ये लोग अफवाहें फैला रहे हैं. नए श्रम सुधार हमारे श्रम बल के जीवन को बदल देंगे. अब तक, देश भर में केवल 30 फीसदी श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी गारंटी योजना के तहत कवर किया गया था. अब, यह असंगठित क्षेत्र के सभी उद्योगों के श्रमिकों तक विस्तृत होगा. हाल ही में पारित किए गए दो कृषि विधेयकों के खिलाफ आज देशभर के किसानों ने भारत बंद का आह्वान किया है. किसानों का ये आंदोलन हरिणाया और पंजाब जैसे राज्यों में तेजी से आगे बढ़ रहा है. शुक्रवार को हो रहे किसानों के भारत बंद का देशभर के 31 किसान संगठनों ने समर्थन किया है. बहरहाल पीएम मोदी ने अपनी बात रख दी है, अब किसानों को तय करना है कि उन्हें सरकार पर भरोसा करना है या भड़कावे में आना है.