किसान आंदोलन का आज 51वां दिन
संवाददाता/in24 न्यूज़.
किसान आंदोलन आज अपने 51वें दिन में प्रवेश कर गया है. किसान अब भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं. टिकरी बॉर्डर पर आज 51 वें दिन भी कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है. एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि सरकार के साथ हमारी पहले भी आठ बार बैठक हो चुकी है, जिसमें कोई हल नहीं निकला. किसानों को उम्मीद नहीं है कि इस बार भी बैठक में कुछ निकलेगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी के एक सदस्य भूपिंदर सिंह मान ने किनारा कर लिया था. खबरों के मुताबिक किसान नेता मान का कहना है कि आंदोलन और किसानों के हितों को देखते हुए मैं समझता हूं कि उसमें (कमेटी) जाने का कोई तुक नहीं है. मान ने कहा कि जब उन्होंने कह दिया है कि हम कमेटी के सामने नहीं जाने वाले हैं तो कमेटी का कोई तुक नहीं रह जाता इसलिए मैंने कमेटी को छोड़ा है. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कृषि कानूनों पर सुनवाई के बाद एक समिति का गठन किया था. किसानों ने इस समिति का विरोध किया था. उनका कहना है कि वो बातचीत के लिए सरकार के पास जाने को तैयार हैं लेकिन वो किसी समिति के सामने नहीं जाएंगे, क्योंकि 'कानून सरकार का बनाया हुआ है और अदालत कोई कानून रद्द नहीं कर सकती है. भारतीय किसान यूनियन के नेता जोगिंदर सिंह उग्राहां का कहना है कि उन्हें इस बैठक से ज्यादा उम्मीद नहीं है क्योकि सरकार उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित पैनल का हवाला देगी. सरकार की हमारी समस्या सुलझाने की कोई अच्छी मंशा नहीं है. सिंह ने कहा था कि हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए और हमारे फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी दी जाए. बता दें कि बसपा सुप्रीमों मायावती ने भी किसान आंदोलन को अपना समर्थन दिया है.