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कोरोना महामारी में योग उम्मीद की किरण बना : पीएम मोदी

21 Jun, 2021 811

संवाददाता/in24 न्यूज़।
7वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया और इस दौरान पीएम मोदी ने योग पर एक मोबाइल ऐप "एम-योगा" भी लॉन्च किया। पीएम मोदी ने कहा कि आप सभी को सातवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। आज जब पूरा विश्व कोरोना महामारी का मुकाबला कर रहा है तो योग उम्मीद की एक किरण भी बना हुआ है। जब कोरोना के अदृष्य वायरस ने दुनिया में दस्तक दी थी, तब कोई भी देश, साधनों से, सामर्थ्य से और मानसिक अवस्था से, इसके लिए तैयार नहीं था। हम सभी ने देखा है कि ऐसे कठिन समय में, योग आत्मबल का एक बड़ा माध्यम बना। जब कोरोना के अदृश्य वायरस ने दुनिया में दस्तक दी थी, तब कोई भी देश साधनों से, सामर्थ्य से और मानसिक अवस्था से इसके लिए तैयार नहीं था, ऐसे समय में योग आत्मबल का बड़ा साधन बना। योग में लोगों ने भरोसा जताया कि हम इस बीमारी से लड़ सकते हैं। महान तमिल संत श्री तिरुवल्लुवर जी ने कहा कि अगर कोई बीमारी है तो उसकी जड़ तक जाओ, बीमारी की वजह क्या है वो पता करो, फिर उसका इलाज शुरू करो। योग यही रास्ता दिखाता है। भारत के ऋषियों ने, भारत ने जब भी स्वास्थ्य की बात की है, तो इसका मतलब केवल शारीरिक स्वास्थ्य नहीं रहा है। इसीलिए, योग में फिजिकल हेल्थ के साथ साथ मेंटल हेल्थ पर इतना जोर दिया गया है। जब भारत ने यूनाइटेड नेशंस में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था, तो उसके पीछे यही भावना थी कि ये योग विज्ञान पूरे विश्व के लिए सुलभ हो। आज इस दिशा में भारत ने यूएन और डब्ल्यूएचओ के साथ मिलकर एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पीएम मोदी ने कहा कि सबको साथ लेकर चलने वाली मानवता की इस योग यात्रा को हमें ऐसे ही अनवरत आगे बढ़ना है। कोई भी स्थान हो, कोई भी परिस्थिति हो, कोई भी आयु हो, हर एक के लिए योग के पास कोई न कोई समाधान जरूर है। कोरोना वायरस महामारी में भी योग उम्मीद की किरण बना है। आज जब पूरा विश्व कोरोना महामारी का मुकाबला कर रहा है, तो योग उम्मीद की एक किरण बना हुआ है। कोरोना के बावजूद इस बार के योग दिवस की थीम "योगा फॉर वेलनेस" ने करोड़ों लोगों में योग के प्रति उत्साह को और बढ़ाया है। जब कोरोना के अदृश्य वायरस ने दुनिया में दस्तक दी थी, तब कोई भी देश साधनों से, सामर्थ्य से और मानसिक अवस्था से इसके लिए तैयार नहीं था। ऐसे समय में योग आत्मबल का बड़ा साधन बना। योग ने लोगों ने भरोसा बढ़ाया कि हम इस बीमारी से लड़ सकते हैं। अब विश्व को एम-योगा ऐप की शक्ति मिलने जा रही है। इसमें योग प्रशिक्षण के कई वीडियो दुनिया की अलग-अलग भाषाओं में उपलब्ध होंगे। ये ऐप, योग का विस्तार दुनिया में करने और वन वर्ल्ड, वन हेल्थ के प्रयासों को सफल बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगा। बता दें आज देश में योग दिवस के अवसर पर लोगों में योग के प्रति जागरुकता देखने को मिली।

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