जवानों का मनोबल बढ़ाने लद्दाख पहुंचे सेनाप्रमुख
संवाददाता/in24 न्यूज़.
भारत और चीन के बीच का विवाद जारी है. लद्दाख में सेना के जवान मुस्तैदी से डटे हुए हैं. जवानों का हौसला बढ़ाने स्वयं सेनाप्रमुख पहुंचे हैं. बता दें कि पूर्वी लद्दाख की वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सेना की तैयारियों को परखने और अब तक चीनी सेना के साथ हुई वार्ता की समीक्षा करने दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने गुरुवार को लद्दाख में आगे के क्षेत्रों का दौरा किया और जमीन पर परिचालन की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने उच्च मनोबल के लिए सैनिकों की सराहना की और उन्हें उत्साह के साथ डटे रहने के लिए प्रेरित किया। जनरल एमएम नरवणे आज पूर्वी लद्दाख के फॉरवर्ड एरिया में गए और जवानों से मिलकर उनके साहस को सराहा। आर्मी चीफ ने ऑपरेशनल तैयारियों का भी जायजा लिया। उनके साथ उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल केके जोशी भी थे। सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने आज पूर्वी लद्दाख सेक्टर में चीनी सैनिकों के साथ लड़ने वाले सैनिकों को प्रशंसा पत्र प्रदान किया। भारतीय और चीनी सैनिकों ने पैंगोंग त्सो झील, फिंगर क्षेत्र और गैलवान नदी घाटी में हिंसक रूप से सामना किया है। जनरल नरवणे अपने दौरे के पहले दिन बुधवार को 15-16 जून की रात को चीनी सेना के साथ गलवान घाटी के खूनी संघर्ष में घायल सेना के जवानों से भी लेह अस्पताल में जाकर मिले थे। उपचाराधीन जवानों के साथ नरवणे ने बातचीत करते हुए गलवान घाटी में हुई पूरी घटना की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने बहादुर जवानों का उत्साह भी बढ़ाया और उनके साहस की सराहना की। आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे ने लद्दाख के सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल से भी मुलाकात की। इस दौरान नॉर्दन आर्मी कमांडर और 14 वीं कोर कमांडर भी मौजूद थे।