जामिया हिंसा एफआरआई में तीन छात्रों और पूर्व विधायक सहित सात लोगों के नाम
संवाददाता/in24 न्यूज़.
नागरिकता संशोधन कानून के मुद्दे पर देश के अलग-अलग हिस्सों से हिंसा की खबरें आती रही हैं. ऐसे में दिल्ली पुलिस ने तीन जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों सहित सात लोगों पर जामिया क्षेत्र ने हुई हिंसा के मामले में एफआरआई दर्ज की है. एक रिपोर्ट के मुताबिक छात्रों पर सरकारी कर्मचारी के साथ मारपीट के आरोप लगाए गए हैं. इन सात लोगों में से किसी को भी अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार जामिया के तीन छात्रों की पहचान कासिम उस्मानी, आम आदमी पार्टी के छात्र विंग के सदस्य, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के सदस्य चंदन कुमार और स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया के सदस्य आसिफ तनहा के रूप में हुई. तीन छात्रों के अलावा ओखला कांग्रेस के पूर्व विधायक आसिफ खान और तीन स्थानीय राजनेताओं का भी नाम लिया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कई बार दावा किया है कि संशोधित नागरिकता अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने किया है. इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इन सभी को 31 दिसंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. जामिया के किस भी छात्र को हिरासत में नहीं लिया गया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वामपंथी समर्थित ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा की. एआईएसए ने एक बयान में कहा कि छात्रों पर हिंसा फैलाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, दिल्ली पुलिस ने जामिया के छात्र कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार पूर्व कांग्रेस विधायक खान ने कहा कि वह शाहीन बाग में चुपचाप विरोध कर रहे थे. न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी और जामिया नगर में मामले क्यों दर्ज किए जा रहे हैं? रविवार को झड़प के बाद कई बसों में आग लगा दी गई थी. इसमें कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हो गए.