बाबा रामदेव के खिलाफ आज डॉक्टर्स का ब्लैक डे
संवाददाता/in24 न्यूज़.
इनदिनों एलोपैथी डॉक्टर्स और योग गुरु बाबा रामदेव के बीच जबरदस्त विवाद चल रहा है, क्योंकि बाबा ने हाल ही में एलोपैथी को बेकार कहा था. इसके बाद विभिन्न चिकित्सा संघों ने बाबा रामदेव की टिप्पणी को असंवेदनशील और अपमानजनक' माना था और उनसे बिना शर्त सार्वजनिक माफी की मांग की थी. बाबा रामदेव द्वारा एलोपैथी पर की गई टिप्पणी के विरोध में आज देशभर के डॉक्टर ब्लैक डे मना रहे हैं. बाबा रामदेव ने कहा था कि कोरोना संक्रमण से ज्यादा आधुनिक मेडिसिन के चलते कोरोना वायरस से लोगों की मौत हुई है. बाबा रामदेव ने कोरोना वायरस संक्रमितों के इलाज में इस्तेमाल की जा रहीं कुछ दवाओं पर भी सवाल उठाया था. जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया था. बाबा रामदेव ने कहा था कोरोना के इलाज में एलोपैथी दवाइयों की वजह से लाखों लोगों की जान जा चुकी है. बाबा रामदेव की इन टिप्पणियों के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बयान कहते हुए उसे वापस लेने को कहा था. इसके बाद बाबा रामदेव को मजबूर होकर अपना बयान वापस लेना पड़ा था. हालांकि अगले दिन उन्होंने भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) को एक खुला पत्र लिखा था और इसमें 25 सवाल पूछे थे. उन्होंने आईएमए से सवाल पूछा था कि क्या एलोपैथी से बीमारियों से स्थायी छुटकारा मिल जाता है? इसके बाद गुजरात में डॉक्टरों का प्रतिनिधित्व करने वाले अहम संगठनों ने बाबा रामदेव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की गुजरात इकाई ने नवरंगपुरा पुलिस से बाबा रामदेव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. पुलिस ने कहा कि डॉक्टरों से उसे ज्ञापन मिले हैं. उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्राधिकार से बाहर होने की वजह से कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी है. बता दें कि डॉक्टर्स के विरोध के बावजूद बाबा रामदेव फिलहाल खामोश हैं.