भारत और चीन की सेना पीछे हटने को तैयार
संवाददाता/in24 न्यूज़.
भारत ने चीन के मुद्दे पर कभी नरम रुख नहीं अपनाया। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव के खत्म होने की खबरों के बीच गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में अपना बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत का मुख्य मकसद पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति कायम करना है। भारत और चीन के बीच गतिरोध पर राजनाथ सिंह ने कहा कि पैंगोंग क्षेत्र में चीन के साथ सेना हटाने की योजना पर काम जारी है। उन्होंने कहा कि भारत ने इस क्षेत्र में कुछ नहीं खोया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन से लगातार बातचीत के बाद अब दोनों देशों की सेना पीछे हटने को तैयार है। खबरों में बताया जा रहा है कि बुधवार को पूर्वी लद्दाख की पैंगोंग लेक में फ्रंटलाइन पर तैनात भारत और चीन की सेना सीमा से अपनी वापसी कर रही है। अधिकारियों ने दावा किया कि चरणबद्ध तरीके से यह प्रक्रिया पूरी की जा रही है। दोनों देशों के सैनिक विवादित भारत-चीन सीमा के कुछ हिस्सों में शून्य से 30 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान पर एक-दूसरे के साथ संघर्ष कर रहे हैं। दोनों देशों की तरफ से पूर्वी लद्दाख में विवादित लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर हजारों सैनिकों की तैनाती की गई है। 24 जनवरी को भारत और चीन के कोर कमांडर स्तर की नौवें बैठक के बाद दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बनी थी और अब इसी के आधार पर दोनों देशों ने अपने सैनिकों को पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी तट से हटाना शुरू कर दिया था। सूत्रों ने जानकारी दी है कि सैनिकों के हटने के बाद झील के दक्षिणी प्रांत से टैंक और हथियार भी हटा लिए जाएंगे। बता दें कि दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को लेकर जो तनाव था अब उसमें कमी देखि जा रही है.