मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, निजी वाहनों से नहीं वसूले जाएंगे टोल टैक्स
16 Feb, 2022
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संवाददाता/ in24 न्यूज़
मध्य प्रदेश (madhy pradesh) सरकार ने निजी वाहन चालकों को बड़ी राहत दिया है. मध्य प्रदेश सरकार ने टोल टैक्स संबंधी नीति में संसोधन किया है। पॉलिसी में बदलाव करते हुए निर्णय लिया गया है कि अब प्रदेश में नई सड़कों पर निजी वाहनों से टोल टैक्स (toll tax) नहीं वसूला जाएगा। यानी की अब छोटे वाहनों से टोल टैक्स बैरियर पर टैक्स नहीं लिया जाएगा। वाहन चालकों को यह सुविधा राज्य सड़क विकास निगम द्वारा आपरेट एंड ट्रांसफर के तहत बनाई जाने वाली नई सड़कों पर पर मिलेगी। सरकार के फैसले के बाद टोल टैक्स बैरियर पर अब केवल कमर्शियल वाहनों (commercial vechicle) से ही टोल टैक्स लिया जाएगा। निजी वाहन मालिक अब बिना टोल टैक्स चुकाए ही प्रदेश भर में कहीं भी यात्रा कर सकेंगे।
जानकारों के अनुसार, मध्य प्रदेश की शिवराज चौहान सरकार का यह कदम आगामी चुनाव को लेकर बड़ा फैसला माना जा रहा है। इस फैसले से निजी वाहन चालक जैसे कार सहित अन्य वाहन जो व्यावसायिक उपयोग में नहीं आते, उन सभी को टोल टैक्स से छूट मिलेगी। सरकार की तरफ से राज्य में बिल्ड आपरेट एण्ड ट्रांसफर (BOT) नीति के तहत एजेंसी सड़क बनाकर टोल वसूला जाता है और निश्चित समय सीमा के बाद प्रदेश सरकार को बापस लौटा देती है। इसके अलावा प्रदेश की ऐसी सड़कें जो एजेंसी द्वारा बनाने के बाद लागत को समान किस्तों में लौटा दिया जाता है। लेकिन अब इन दोनों तरह की सड़क पर ही निजी वाहनों से टोल टैक्स नहीं वसूला जाएगा।
बता दें कि सरकार ने टोल टैक्स संबंधी नीति में संसोधन से पहले लोक निर्माण विभाग के द्वारा प्रदेश की 200 सड़कों का सर्वे कराया था। सर्वे में पता चला कि सरकार को मिलने वाले टैक्स में 80 प्रतिशत टैक्स तो केवल व्यवसायिक वाहनों कीसे ही मिलता है और छोटे वाहनों से सिर्फ 20 फीसदी टैक्स की वसूली हो पाती है।
जानकारों के अनुसार, मध्य प्रदेश की शिवराज चौहान सरकार का यह कदम आगामी चुनाव को लेकर बड़ा फैसला माना जा रहा है। इस फैसले से निजी वाहन चालक जैसे कार सहित अन्य वाहन जो व्यावसायिक उपयोग में नहीं आते, उन सभी को टोल टैक्स से छूट मिलेगी। सरकार की तरफ से राज्य में बिल्ड आपरेट एण्ड ट्रांसफर (BOT) नीति के तहत एजेंसी सड़क बनाकर टोल वसूला जाता है और निश्चित समय सीमा के बाद प्रदेश सरकार को बापस लौटा देती है। इसके अलावा प्रदेश की ऐसी सड़कें जो एजेंसी द्वारा बनाने के बाद लागत को समान किस्तों में लौटा दिया जाता है। लेकिन अब इन दोनों तरह की सड़क पर ही निजी वाहनों से टोल टैक्स नहीं वसूला जाएगा।
बता दें कि सरकार ने टोल टैक्स संबंधी नीति में संसोधन से पहले लोक निर्माण विभाग के द्वारा प्रदेश की 200 सड़कों का सर्वे कराया था। सर्वे में पता चला कि सरकार को मिलने वाले टैक्स में 80 प्रतिशत टैक्स तो केवल व्यवसायिक वाहनों कीसे ही मिलता है और छोटे वाहनों से सिर्फ 20 फीसदी टैक्स की वसूली हो पाती है।
इस सर्वे के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने निर्णय लिया कि जब टैक्स का इतना कम हिस्सा निजी वाहनों से मिल रहा है तो टोल टैक्स नीति में संशोधन कर निजी वाहन चालकों को राहत दे दी जाए। पीडब्ल्यूडी ने प्रस्ताव तैयार कर सरकार के सामने रखा जिसे मंजूर कर अब प्रदेश सरकार ने निजी वाहनों को कर मुक्त कर दिया है।