मालदीव से 698 भारतीयों को लेकर कोच्चि पहुंचा आईएनएस जलाश्व
संवाददाता/in24 न्यूज़.
कोरोना का जानलेवा हमला और लॉकडाउन के बीच विदेशों में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने का काम जारी है. ये काम भारत सरकार की ओर से चलाए गए वंदे भारत मिशन के तहत चल रहा है. भारतीय नौसेना का आईएनएस जलाश्व मालदीव की राजधानी माले से 698 भारतीय नागरिकों को लेकर कोच्चि पहुंचा. समाचार एजेंसी एएनआई ख़बरों के मुताबिक, ये जहाज रविवार की सुबह कोच्चि पहुंचा. 698 भारतीय नागरिकों में 19 प्रेग्नेंट महिलाएं भी शामिल हैं. बता दें कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच भारत सरकार ने विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों को वापस लाने की पहल की है. वंदे भारत मिशन के तहत भारत सरकार विदेशों से भारत लौटने की इच्छा रखने वालों को वापस ला रही है. इस बीच मालदीव में रहने वाले करीब 27 हजार भारतीयों में से 4,500 ने भारत लौटने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है. मालदीव से आए आईएनएस जलाश्व में 595 पुरुष और 103 महिलाएं शामिल है. इनमें 19 महिलाएं प्रेग्नेंट हैं. बताया जा रहा है कि आईएनएस जलाश्व और आईएनएस मगर मालदीव से 1800-2000 लोगों को लेकर भारत आएगा. वह चार बार चक्कर लगाएगा. इसमें दो चक्कर कोच्चि के लिए होंगे और दो चक्कर तूतीकोरिन के लिए होंगे. सबसे पहले ज्यादा जरूरतमंद लोगों को लाने की प्राथमिकता दी जाएगी. यहां 200 द्वीपों पर भारत के लोग रहते हैं. कोरोना के खतरे को देखते हुए माले में भी इस समय लॉकडाउन है. इसके अलावा भारत सरकार विदेशों में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए वंदे भारत मिशन का दूसरा चरण 15 मई से शुरू करेगी. इसमें रूस, जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैंड्स, थाईलैंड, उज़्बेकिस्तान, कज़ाख़स्तान जैसे देशों से लोगों को निकाला जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, सरकार को कुल मिलाकर अब तक 67 हजार 833 लोगों से स्वदेश लौटने के अनुरोध प्राप्त हुए हैं पहले चरण में 64 उड़ानों के माध्यम से 12 देशों से करीब 15 हजार लोगों को लाने का अभियान गुरुवार को शुरु किया गया था.