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मुफ्त कोरोना वैक्सीन देने के वादे को आचार संहिता का उल्लंघन नहीं मानता चुनाव आयोग

01 Nov, 2020 698

संवाददाता/in24 न्यूज़.
बिहार में विधान सभा चुनाव प्रचार के दौरान मुफ्त कोरोना वैक्सीन देने की बात की गई तो विरोधियों ने बवाल मचा दिया और देश भर में सियासत शुरू हो गई कि क्या बाकी देश पाकिस्तान या बांग्लादेश है! बहरहाल चुनाव आयोग ने साफ़ कर दिया है कि मुफ्त वैक्सीन देने का वादा आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है. गौरतलब है कि चुनाव आयोग के मुताबिक़ बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपने घोषणा पत्र में मुफ्त कोरोना वायरस वैक्सीन प्रदान करने का भाजपा का वादा चुनाव आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन नहीं करता है. आरटीआई कार्यकर्ता साकेत गोखले की एक शिकायत के जवाब में आयोग ने कहा कि उसने इस मुद्दे में मॉडल कोड के प्रावधानों का कोई उल्लंघन नहीं पाया है. आयोग ने कहा '' आदर्श आचार संहिता के किसी भी प्रावधान का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है. गोखले ने दावा किया था कि यह वादा भेदभावपूर्ण और चुनाव के दौरान केंद्र सरकार द्वारा शक्तियों का दुरुपयोग है. पीटीआई के अनुसार आयोग ने चुनाव आचार संहिता के कुछ दिशानिर्देशों का हवाला दिया कि आदर्श आचार संहिता के भाग VIII में यह निष्कर्ष निकाला गया था कि नि: शुल्क वैक्सीन वादा इसका उल्लंघन नहीं है. चुनाव आयोग के हवाले से किए गए प्रावधानों में से एक में कहा गया है कि राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों को नागरिकों के लिए विभिन्न कल्याणकारी उपायों की रूपरेखा देने के लिए राज्य में संविधान में निहित किया गया है और इसलिए इस तरह के कल्याण के वादे पर कोई आपत्ति नहीं हो सकती है. राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस, शिवसेना, समाजवादी पार्टी और नेशनल कॉन्फ्रेंस सहित कई पार्टियों ने बिहार के लिए मुफ्त वैक्सीन देने भाजपा के वादे पर सवाल उठाये थे. इस पार्टियों का कहना है कि भाजपा मामले की राजनीतिकरण करने में जुटी है. बिहार में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भाजपा का घोषणापत्र जारी किया था जिसमें मुफ्त कोविड-19 वैक्सीन उपलब्ध कराने का वादा किया गया था. बता दें कि इस पूरे विवाद के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि देश के हर नागरिक को मुफ्त वैक्सीन दी जायेगी.

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