मुहर्रम पर जुलूस निकालने की याचिका खारिज
संवाददाता /in24न्यूज़.
सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए मुहर्रम पर जुलूस निकालने के खिलाफ याचिका खारिज कर दिया है. बता दें कई मुहर्रम पर जुलूस निकालने की मांग वाली एक याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इससे अराजकता फैलेगी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यदि हम जुलूस निकालने की इजाजत देंगे तो एक समुदाय विशेष को निशाने पर लिया जाएगा, जिससे अराजकता फैलेगी और हम यह नहीं चाहते। शिया धर्मगुरू मौलाना कल्बे जव्वाद ने पूरे देश में मुहर्रम जुलूस निकालने की मांग वाली एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए न सिर्फ याचिका खारिज की, बल्कि यह भी बताया कि पुरी में रथ यात्रा को क्यों अनुमति दी गई थी। चीफ जस्टिस एसए बोबडे की पीठ ने कहा कि मुहर्रम जुलूस के लिए कोई स्पष्ट स्थान नहीं होता है, जहां प्रतिबंध या सावधानी बरती जा सके। यह पूरे देश का मामला है। अगर हम जुलूस निकालने की इजाजत देंगे तो इससे आराजकता फैलेगी और फिर एक समुदाय विशेष को कोरोना फैलाने के नाम पर निशाना बनाया जाएगा, जो सुप्रीम कोर्ट नहीं चाहेगा। याचिकाकर्ता के वकील ने जगन्नाथपुरी यात्रा की दलील दी तो कोर्ट ने कहा कि आप पूरे देश के लिए इजाजत मांग रहे हैं। जगन्नाथपुरी यात्रा एक खास जगह पर होती है, जहां रथ एक जगह से दूसरी जगह जाता है। अगर किसी एक जगह की बात होती तो हम खतरे का आकलन कर आदेश दे सकते थे। गौरतलब है कि मुहर्रम में धूमधाम से ताज़िया निकलने की परंपरा रही है, मगर कोरोना काल में ऐसे जुलूस से किसी को खतरा ना हो, इसका ख्याल रखा गया है.