शहीद ओंबले को मकड़ी की नई प्रजाति आइसियस तुकारामी से दिया गया सम्मान
संवाददाता/in24 न्यूज़.
26/11 के शहीद तुकाराम ओंबले को मरणोपरांत एक अनोखा सम्मान दिया गया है क्योंकि भारत में हाल ही में मकड़ी की नई प्रजाति मिली है। इसे नाम दिया गया है आइसियस तुकारामी। यह नाम इसे मुंबई पुलिस के जाबाज पूर्व सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) दिवंगत तुकाराम ओंबले का दिया गया है। तुकाराम ओंबले ने ही मुंबई में 26/11 के हमले में अपनी जान देकर आतंकी अजमल कसाब को पकड़ा था। शोधकर्ताओं की एक टीम की ओर से छापे गए एक पेपर में आइसियस तुकारामी का सबसे पहले जिक्र हुआ। इस पत्र का उद्देश्य महाराष्ट्र राज्य में मकड़ी की मिली दो प्रजाति जेनेरा फिनटेला और आइसियस के बारे में जानकारी देना है। शोधकर्ताओं ने बताया कि इन दोनों में से एक प्रजाति का नाम हमने 26/11 मुंबई अटैक के हीरो असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर तुकाराम ओंबले के नाम पर रखा है। उन्होंने आगे कहा कि ओंबले को 23 गोलियां लगी थीं और उसने आतंकवादी अजमल कसाब को पकड़वाने में मदद की थी। गौरतलब है कि 26/11 की रात को, सीएसटी रेलवे स्टेशन पर हमला करने के बाद, अजमल कसाब और उसका साथी इस्माइल खान ने कामा अस्पताल को टारगेट किया। ये दोनों आतंकवादी अस्पताल के पिछले वाले दरवाजे तक पहुंचे और स्टाफ ने अंदर से सारे दरवाजे बंद कर दिए थे। इसके बाद दोनों ने अस्पताल के बाहर तैनात पुलिस पर हमला किया, जिसमें छह पुलिसकर्मी मारे गए। इसमें एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे भी शामिल थे। इसके बाद कसाब और इस्माइल खान गिरगांव चौपाटी के पास रोके गए, जहां तुकाराम ओंबले ने उनकी राइफल की बैरल पकड़ ली। तुकाराम की वजह से बाकी पुलिसकर्मियों को काफी समय मिल गया और उन्होंने कसाब को जिंदा पकड़ लिया। तुकाराम को इस बहादुरी के लिए उनके मरणोपरांत अशोक चक्र से नवाजा गया। इनकी शहादत को देश कभी नहीं भूल सकता!