सुप्रीम कोर्ट में मणिपुर की पीड़ित महिलाओं की याचिका पर आज हो सकती है सुनवाई
31 Jul, 2023
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संवाददाता/in24 न्यूज़।
केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ मणिपुर की पीड़ित महिलाएं सुप्रीम कोर्ट पहुंची हैं. उनकी अपील है कि सरकारों को निष्पक्ष जांच के आदेश दिए जाए. बता दें कि मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने के मामले की सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हो सकती है. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से केस ट्रांसफर करने की मांग की है. दोनों पीड़ित महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार और मणिपुर सरकार के खिलाफ याचिका दायर की थी उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से स्वत संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच करवाने के आदेश जारी करने की मांग की है. महिलाओं ने यह भी मांग की है कि उनकी पहचान उजागर न की जाए. मणिपुर का वीडियो सामने आने पर सुप्रीम कोर्ट ने भी दुख जताया था. कोर्ट ने कहा था कि यह बहुत बड़ी संवैधानिक विफलता है. सीजेआई चंद्रचूड़ ने सरकार से महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने को कहा था. उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार कोर्ट को इसकी जानकारी समय समय पर देती रहे. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि इस मामले की सुनवाई राज्य से बाहर होनी चाहिए। केंद्र ने यह भी मांग की है कि सुनवाई 6 महीने के अंदर ही पूरी हो जाए.
बता दें कि इन दिनों संसद में भी मणिपुर का मुद्दा गरमाया हुआ है. विपक्ष लगातार सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान की मांग पर अड़ा हुआ है. इस को लेकर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई अविश्वास प्रस्ताव भी पेश कर चुके हैं. आदिवासी संगठनों का कहना है कि दोनों महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया गया और फिर खेतों में उनके साथ रेप किया गया. यह घटना 4 मई को कोंकपोकपी जिले में हुई थी. जो की राजधानी इंफाल से मात्र 35 किलोमीटर की दूरी पर है। घटना का वीडियो वायरल हुआ तो पूरे देश में रोष व्याप्त हो गया. घटना के बारे में सीजेआई ने कहा था कि इस तरह के कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा था अगर सरकार सख्त कदम नहीं उठाती है तो कोर्ट को कुछ करना पड़ेगा। मीडिया में जो कुछ चल रहा है और जो वायरल वीडियो सामने आया है. उससे पता चलता है कि किस स्तर पर संविधान का उल्लंघन किया गया है. सुप्रीम कोर्ट पहले 28 जुलाई को मणिपुर से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करने वाला था हालांकि इस दिन सीजेआई के बीमार होने की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी थी. बता दे कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही घटना की जांच के लिए सीबीआई जांच की सिफारिश की है. इस मामले में अब तक मुख्य आरोपी समेत सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.