औरंगजेब की कब्र हटाने को लेकर रास्ते पर उतरे हिन्दू संगठन, बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था।
संवाददाता/in24 न्यूज़।
महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र को लेकर जारी सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। दरअसल छत्रपति संभाजीनगर में स्थित औरंगजेब की कब्र हो हटाने के लिए महाराष्ट्र में सियासी पारा गरम है. वहीं हिंदू संगठनों ने कब्र हटाने की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद कर दी है. कब्र हटाने की मांग को लेकर वीएचपी और बजरंग दल समेत कई हिंदू संगठन विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने फडणवीस सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि इसे जल्द हटाया जाए नहीं तो अयोध्या की तरह कारसेवक हटा देंगे। बता दें कि कब्र हटाने को लेकर वीएचपी और बजरंग दल ने अभियान शुरू कर दिया है.जिसके तहत समूचे महाराष्ट्र में तहसीलदारों और जिलाधिकारियों के दफ्तर पर वीएचपी और बजरंग दल के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं. हिंदूवादी संगठनों का कहना है कि औरंगजेब ने लाखों हत्याएं की , हजारों मंदिर तोड़े और गायों को भी मरवाया। हम ऐसे क्रूर शासक की महिमा मंडित करने का काम बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर कब्र नहीं हटाई गई तो वे बाबरी की तर्ज पर उसे हटा देंगे। वहीं हिंदूवादी संगठनों के विरोध और नाराजगी के बीच छत्रपति संभाजीनगर के खुल्दाबाद में स्थित औरंगजेब की कब्र पर सुरक्षा बढ़ा दी है. वहां सीआरपीएफ की एक टुकड़ी के अलावा कई पुलिस अधिकारी तैनात किए गए हैं.पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी है और आने जाने वालों पर नजर रखी जा रही है. पुलिस एक बार में एक ही व्यक्ति को मकबरे के अंदर जाने दे रही है और मुख्य दरवाजे को भी बंद कर दिया है.
वहीं, विपक्षी दल पूरे मामले को लेकर फडणवीस सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं. साथ ही ध्रुवीकरण करने और समाज को बांटने का आरोप लगा रहे हैं। एनसीपी सांसद, सुप्रिया सुले ने इस पूरे मामले को लेकर कहा कि ये मुद्दा किसी पार्टी नहीं, बल्कि इतिहास से जुड़ा है. मुझे नहीं लगता है कि इस मामले में किसी भी नेता को हस्तक्षेप करना चाहिए. इतिहासकार इस मुद्दे पर बात कर सकते हैं। हालांकि महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने एक बार फिर दोहराया है कि महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र नहीं होनी चाहिए और जल्द ही इसे हटाने पर सरकार फैसला करेगी। वहीं औरंगेजब को लेकर जारी घमासान के बीच एनसीपी विधायक अमोल मिटकरी ने अपनी ही सरकार को आईना दिखाया और सवाल पूछा कि क्या महाराष्ट्र के किसान, और गरीब के मुद्दे ज्यादा जरूरी हैं या फिर औरंगजेब की कब्र हटाना। उन्होंने कहा कि हम इस बात से सहमत है कि औरंगजेब की कब्र का रिनोवेशन नहीं होना चाहिए लेकिन इतने बवाल की जरुरत नहीं है.