कांग्रेस के गढ़ अमेठी पर बीजेपी की नजर
संवाददाता/in24 न्यूज़।
लोकसभा चुनाव 2019 की लड़ाई तेज हो गई है सभ राजनितिक दल अपने अपने उम्मीदवारों को लेकर मैदान में है ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस के गढ़ अमेठी पर अपनी पैनी नजर गड़ाए हुए हैं उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को अमेठी और रायबरेली तक समेटने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी का मिशन जारी है। कांग्रेस के गढ़ और राहुल गांधी की संसदीय सीट अमेठी पर भी बीजेपी ने अपनी नजर गड़ा रखी है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद राहुल अमेठी से चुनाव जीते थे। जीत का अंतर हालांकि एक लाख वोटों के आसपास पहुंच गया था और 2009 की तुलना में उनके वोट 25.14 फीसद कम हो गए थे। ऐसे में इस बार के चुनाव में कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है। राहुल गांधी से जनता नाराज है। इसकी बड़ी वजह राहुल की अमेठी में कम सक्रियता है और बीजेपी प्रत्याशी स्मृति इरानी किसी न किसी बहाने लगातार सक्रिय हैं। राहुल का गांधी परिवार से होना हालांकि उनके लिए मुफीद है। ऐसे में इन वोटों को जोड़ना बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती है। पांच साल में राहुल 29 बार और स्मृति इरानी 30 बार अमेठी पहुंची हैं। राहुल गांधी के कराए विकास कार्यों में उनकी निधि से कुछ सड़कें और हैंडपंप संबंधी कार्य शामिल हैं। इधर, स्मृति इरानी और बीजेपी ने पांच साल में जमीनी काम से लेकर बड़ी योजनाओं तक के अमल के दावे किए हैं। खाद रैक सेंटर की स्थापना, कृषि विज्ञान केंद्र, टीकरमाफी में 88.5 करोड़ से अमेठी बाईपास का निर्माण, 6 पावर हाउस की स्थापना, 400 इंडिया मार्का हैंडपंप और अमेठी नगर के विकास के लिए 29 करोड़ का केंद्रीय बजट का प्रावधान जैसे कार्यों को गति देने की कोशिश की गयी हैं प्रधानमंत्री मोदी ने 538 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास किया है ।