अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को से मिले पीएम मोदी, कई अहम मुद्दों पर हुई बातचीत
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो शनिवार (23 मई) को भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा के लिए कोलकाता पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो से भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों और कई अहम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि बातचीत के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि वैश्विक हितों के लिए भारत और अमेरिका का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका भविष्य में भी आपसी सहयोग को और गहरा करते रहेंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिरता व विकास के लिए मिलकर काम करेंगे।
कोलकाता पहुंचने के साथ ही मार्को रुबियो 14 वर्षों में शहर का दौरा करने वाले पहले अमेरिकी विदेश मंत्री बन गए हैं। इससे पहले, तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने 2012 में कोलकाता का दौरा किया था। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रूबियो के भारत आगमन की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि रूबियो बाद में नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, क्वाड और कई अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी और प्रगति होगी।
हालांकि अमेरिकी विदेश विभाग ने अभी तक रुबियो के कोलकाता दौरे का आधिकारिक कार्यक्रम घोषित नहीं किया है, लेकिन वे 'मदर हाउस' का दौरा कर चुके हैं। मदर हाउस, मदर टेरेसा द्वारा स्थापित 'मिशनरीज ऑफ चैरिटी' का मुख्यालय है। वे अब दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। कोलकाता और नई दिल्ली के अलावा, रुबियो आगरा और जयपुर भी जाएंगे, जहां वे विभिन्न राजनयिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
रुबियो की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। क्वाड देशों के बीच सहयोग पर चर्चाओं में तेजी आई है, खासकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के मद्देनजर। भारत यात्रा पर रवाना होने से पहले रुबियो ने अमेरिका की ऊर्जा निर्यात क्षमता पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, हम भारत की जरूरत के हिसाब से ऊर्जा की आपूर्ति करने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताओं के मद्देनजर भारत को एक महत्वपूर्ण साझेदार बताया। उन्होंने क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के प्रति अपनी उत्सुकता भी व्यक्त की। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर, ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी के 26 मई को होने वाली क्वाड बैठक में भाग लेने की संभावना है। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, संपर्क और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।