बोरीवली बस डिपो जमीन अतिक्रमण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: मनपा पर 5 लाख का जुर्माना, आयुक्त अश्विनी भिड़े को अवमानना का नोटिस
मुंबई के बोरीवली इलाके में बेस्ट बस डिपो के लिए आरक्षित जमीन पर हुए अवैध अतिक्रमण को समय रहते न हटाने पर सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई महानगरपालिका (मनपा) प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने अपने पूर्व आदेश का पालन न करने पर मनपा पर 5 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने मनपा आयुक्त अश्विनी भिड़े के खिलाफ अदालत की अवमानना का कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनके और उनके निजी कार्यालय के कर्मचारियों का नवंबर महीने का वेतन रोकने के सख्त निर्देश दिए हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान मनपा प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 30 दिनों की अतिरिक्त मोहलत मांगी गई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने निर्धारित समय सीमा के भीतर ठोस कदम न उठाने और ढीला रवैया अपनाने पर मनपा की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताई। सर्वोच्च न्यायालय के इस कड़े रुख से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि मनपा की लापरवाही के चलते अब आला अधिकारियों को सीधे अदालती अवमानना की कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।
इस प्रशासनिक और कानूनी घमासान के बीच पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी ने भी मामले में सक्रिय होते हुए मनपा अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने मांग की है कि इस बहुमूल्य जमीन पर महज दिखावे या जल्दबाजी में की जाने वाली अस्थायी कार्रवाई के बजाय मनपा पूरी जमीन का मालिकाना हक और कब्जा अपने हाथ में ले। पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि मनपा अफसरों की कथित ढिलाई का खामियाजा स्थानीय जनता को उठाना पड़ रहा है, वहीं अब इस मामले में 26 तारीख को होने वाली अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।