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महाविकास अघाड़ी और मनसे ने मतदाता सूची में गड़बड़ियों का लगाया आरोप

15 Oct, 2025 209

महाराष्ट्र में नगर निगम के चुनावों से पहले विपक्षी गठबंधन दल महाविकास अघाड़ी के सहयोगी दलों के साथ-साथ राज ठाकरे की मनसे ने वोटर लिस्ट पर कई सवाल खड़े किए हैं। दरअसल, महाविकास अघाड़ी के बड़े नेताओं और राज ठाकरे ने चुनाव आयोग से मुलाकात की और फिर प्रेस कांफ्रेंस के जरिए जानकारी दी कि उन्होंने महाराष्ट्र की मतदाता सूची में क्या-क्या खामियां पाई हैं। 

इसी के साथ विपक्षी गठबंधन की ओर से यह दावा किया गया है कि जब तक वोटर लिस्ट में सुधार नहीं हो जाते, नगर निकाय चुनाव कराने मुश्किल हो सकते हैं। इस प्रेस कांफ्रेंस में उद्धव ठाकरे, राज कांग्रेस के साथ बालासाहेब थोरात, विजय वड्डेटीवार और एनसीपी के जयंत पाटील मौजूद रहे। 

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा कि कल उन्होंने केंद्रीय निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी और आज राज्य और केंद्रीय निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि चुनाव का नाम लेते ही राजनीतिक दल और मतदाता सामने आते हैं. निर्वाचन आयोग तो सिर्फ चुनाव कराता है, लेकिन चुनाव तो राजनीतिक दल ही लड़ते हैं, लेकिन अगर निर्वाचन आयोग राजनीतिक दलों को मतदाता सूचियां ही नहीं दिखा रहा है, तो गड़बड़ी यहीं से शुरू होती है। इसके बाद राज ठाकरे ने 2024 की मतदाता सूची का विवरण पढ़कर सुनाया। 

उन्होंने कहा कि 2024 से पहले के नाम पढ़ता हूं, तब गड़बड़ी समझ में आएगी। कई लोगों के नाम तो हैं, लेकिन फोटो नहीं लगी. साथ ही, उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने राज्य और केंद्रीय आयोग से मुलाकात की। लेकिन दोनों ने कहा ये हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। जब मतदाता सूचियां ही नहीं दिखाई जा रही हैं, तो मुलाकात का क्या मतलब है? उद्धव ठाकरे ने कहा, चोक्कलिंगम कहते हैं कि कुछ जिम्मेदारी हमारी नहीं है, राज्य निर्वाचन आयोग कहता है हमारी नहीं है। आपकी व्यवस्था ही दोषपूर्ण है, अगर त्रुटियों के साथ चुनाव कराने हैं, तो फिर चुनाव कराने की क्या ज़रूरत है। सीधा इलेक्शन फॉर सिलेक्शन कर दो। 

उद्धव ठाकरे ने यह भी सवाल उठाया कि एक ही लिस्ट में एक नाम के दो या तीन वोटर कैसे हैं ? अगर ऐसा ही करना है तो इलेक्शन की जगह सिलेक्शन करके निपट लो। राज और उद्धव ठाकरे ने कहा कि वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़हिया है और इस सत्य को चुनाव आयोग स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि जब तक वोटर लिस्ट में सुधार न हो तब तक चुनाव न कराए जाएं। दोनों भाइयों ने कहा कि मतदान में भले देरी हो लेकिन वोटिंग पेपर बैलेट से ही हो। वही शरद पवार की पार्टी के नेता जयंत पाटिल ने कहा कि चुनाव आयोग का सर्वर कोई और ही चल रहा है। उन्होंने कहा कि हमने चुनाव आयोग को वेबसाइट की कमियों को बताया है। 

बता दें कि विरोधी दलों के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस चोकलिंगम से मुलाकात कर चुन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था। उन्होंने मतदाता सूची में विसंगतियों को दूरे करने के साथ-साथ चुनाव पारदर्शी कराने की मांग की। इसके अलावा मुंबई में बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराने की मांग की। इतना ही नहीं विपक्ष ने आने वाले स्थानीय निकाय के चुनाव में वोटर वैरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल यानी वीवीपैट का उपयोग बंद करने पर सवाल उठाए गए। 

शरद पवार की पार्टी के नेता जयंत पाटील ने कहा कि हमने मांग की है कि राज्य चुनाव आयोग और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी दोनों मिलकर हमसे बैठक करें और हमारी चिंताओं को सुनें। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची में कई नामों की दोहरी प्रविष्टियां हैं। एक मामले में एक ही घर में 170 मतदाताओं के नाम दर्ज हैं, जो गड़बड़ियों की ओर इशारा करता है। 

दरअसल आयोग से मांग की गई है कि 2024 के चुनावों में बड़ी संख्या में नाम हटाए गए। हटाए गए नामों की पूरी जानकारी वेबसाइट पर जारी करें। अक्टूबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच जो नए मतदाता जोड़े गए, उनकी अपडेट लिस्ट जारी करें। आयोग पर जानकारी छिपाने का आरोप है। 1 जुलाई 2025 की मतदाता सूची पर चुनाव कराने के निर्णय से नए 18 वर्षीय मतदाताओं को 5 वर्ष इंतजार करना पड़ेगा। बाहरी राज्यों से आने वाले नागरिकों के दो जगह मतदाता के रूप में पंजीयन को लेकर गहरी चिंता जताई गई। आयोग से डी-डुप्लीकेशन प्रक्रिया अपनाने की मांग की गई।

महानगरपालिका चुनाव में वीवीपैट का इस्तेमाल नहीं करने के निर्णय पर सवाल उठाया। जनता को ईवीएम पर भरोसा नहीं, तो वीवीपैट ही एकमात्र पारदर्शी विकल्प है। जहां वीवीपैट का उपयोग संभव नहीं, वहां प्रभाग पद्धति खत्म करने की मांग उठी। मुंबई जैसी जगहों पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की भी सिफारिश की गई है। 

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