राज ठाकरे से गठबंधन पर उद्धव ठाकरे का मंथन, पूर्व नगरसेवकों से ली राय जानिए ,क्या -क्या हुआ ?
महाराष्ट्र में आगामी निकाय चुनावों को लेकर सियासी गतिविधियां तेज़ हो गई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे लगातार पार्टी नेताओं से बैठक कर रहे हैं। बुधवार, 18 जून को उन्होंने पार्टी के पूर्व नगरसेवकों के साथ अहम बैठक की, जिसमें महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के साथ संभावित गठबंधन को लेकर चर्चा हुई।
गठबंधन पर पूर्व नगरसेवकों की राय
बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे ने नेताओं से सीधे सवाल किया – "क्या मनसे के साथ गठबंधन करना चाहिए?" इस पर अधिकतर पूर्व नगरसेवकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कहा कि मुंबई में यदि मनसे के साथ गठबंधन होता है तो उसका फायदा मिल सकता है। नेताओं ने बताया कि मुंबई में मनसे के साथ गठबंधन को लेकर अनुकूल माहौल है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट किया कि “मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2025 के लिए किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन करने का फैसला सभी नेताओं को विश्वास में लेकर ही लिया जाएगा।”
राज ठाकरे का अगला कदम क्या होगा?
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले राज ठाकरे ने अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे के साथ आने के संकेत दिए थे। इसके जवाब में उद्धव ने भी 'मराठी मानुष' के मुद्दे पर एकता दिखाने की बात कही थी।लेकिन हाल ही में राज ठाकरे की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से हुई मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। इस मुलाकात के बाद अटकलें लगने लगीं कि राज ठाकरे कहीं शिवसेना (यूबीटी) को छोड़कर बीजेपी के साथ तो नहीं जाएंगे? हालांकि अभी तक इस पर राज ठाकरे की कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इस बीच, राज ठाकरे ने बुधवार को ही महाराष्ट्र सरकार द्वारा स्कूलों में हिंदी को तीसरी अनिवार्य भाषा बनाए जाने के फैसले का विरोध करते हुए फिर से अपनी अलग पहचान दिखा दी है।
कार्यकर्ताओं को उद्धव ठाकरे का संदेश
बैठक में उद्धव ठाकरे ने सभी पूर्व नगरसेवकों की निष्ठा की सराहना करते हुए कहा, "आप सभी पार्टी के वफादार सिपाही हैं। आने वाले दिनों में और भी बैठकें होंगी।" उन्होंने सभी से अपील की कि वे शिवसेना भवन में आकर आम जनता की समस्याओं को सुलझाएं।उद्धव ने यह भी बताया कि शिवसेना भवन में ही पार्टी का चुनाव कार्यालय खोला जाएगा, ताकि तैयारी संगठित ढंग से हो सके। साथ ही, उन्होंने संकेत दिया कि बीएमसी चुनाव अक्टूबर से नवंबर 2025 के बीच कराए जा सकते हैं।
यह बैठक इस बात का संकेत है कि उद्धव ठाकरे मुंबई में राजनीतिक संतुलन साधने की तैयारी में हैं – और मनसे के साथ गठबंधन को लेकर अब गेंद पूरी तरह उनके पाले में है।