पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दा फिर छेड़ा तो भारत ने दिया करारा जवाब
संवाददता/in24 न्यूज़.
पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे पर लगातार अनाप शनाप बयानबाजी करता रहता है. एक बार फिर उसने इस मुद्दे को छेड़ा है. भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर कटघरे में खड़ा करने की पाकिस्तान की कोशिश का भारत ने करारा जवाब दिया है। पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत के खिलाफ कश्मीर मुद्दा उठाने की कोशिश की जिस पर पर्मानेंट मिशन ऑफ इंडिया के फर्स्ट सेक्रटरी सेंथिल कुमार ने पाकिस्तान से अपने गिरेबां में झांकने को कहा है। कुमार ने इस बात पर चिंता जताई कि राज्य प्रायोजित नरसंहार करने वाला देश किस तरह दूसरों पर आरोप लगाने का दुस्साहस कर सकता है। भारत ने उदाहरण देकर बताया कि किस तरह पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून से अल्पसंख्यकों को आतंकित किया जा रहा है। भारत ने यूनएचआरसी में कहा कि पाकिस्तान मानवाधिकार के इस वैश्विक फोरम और इसकी प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल कर रहा है। पाकिस्तान दक्षिण एशिया का इकलौता ऐसा देश है, जहां पर सरकार नरसंहार करवाती है। दूसरे देशों पर आरोप लगाना इसकी गुस्ताखी है। भारत ने कहा कि बलूचिस्तान में बड़े पैमाने पर लोगों के साथ जुल्म हो रहा है। यहां पर सरकार की ओर से हिंसा की जा रही है। लोग एक साथ जगह छोड़ने के लिए मजबूर किए जा रहे हैं। मिलिट्री कैम्प्स और डिटेंशन सेंटर काम कर रहे हैं। कोर्ट में लंबित मामलों से जुड़े लोगों की हत्याएं की जा रही है। इन सबके बावजूद इसकी ओर से भारत पर आरोप लगाना चिंता की बात है। सेंथिल कुमार ने कहा कि पिछले साल अगस्त में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का कोई बाहरी असर नहीं हुआ है। लोगों ने कश्मीर में शांति व्यवस्था बिगाड़ने की पाकिस्तान की कोशिशों के खिलाफ रैलियां की थी। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान में मानवाधिकार हनन का ट्रैक रिकॉर्ड बरकरार है। उन्होंने कहा कि एक ऐसे देश के आरोपों पर भरोसा कैसे किया जा सकता है जिसका इतिहास धार्मिक कट्टरता, खूनखराबे और हत्याओं से भरा पड़ा हो। सत्ता पलटने और कठपुतली सरकार चलाने की कई घटनाएं सामने आई है। ऐसा देश जब मानवाधिकार की बात करता है तो उसकी ही साख पर सवालिया निशान लग जाते हैं।