विरार में मां की पिटाई से दो साल की बच्ची की मौत
संवाददाता/in24 न्यूज़
कहते हैं कि एक मां अपने बच्चों के लिए किसी भी मुसबत का सामना कर सकती है लेकिन एक कलयुगी मां ने अपनी दो साल की बच्ची की पीट-पीटकर हत्या कर दी। विरार पूर्व के फुलपाड़ा परिसर से चौकाने वाली घटना समाने आई है, जहां एक मां ने अपनी मासूम बच्ची की हत्या कर दी। खबर के मुताबिक विरार पूर्व के फुलपाड़ा की परिजात इमारत में रहने वाली 22 वर्षीय नेहा सोनी नाम की महिला को अपनी 2 साल की बेटी पर किसी बात को लेकर इतना गुस्सा आया कि वह आपे से बाहर हो गई और उसने अपनी बेटी की इस कदर पिटाई कर दी कि मासूम बच्ची ने दम तोड़ दिया। इस मामले में विरार पुलिस ने नेहा सोनी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पारिजात बिल्डिंग में रहने वाले लोगों का कहना है कि नेहा अपने पति सोनू कुमार और अपनी 2 साल की बेटी के साथ मकान नंबर 104 में रहती थी। उसके पति सोनू कुमार पेशे से रिक्शा ड्राइवर हैं। शनिवार को जब सोनू कुमार ऑटो रिक्शा चलाने के बाद अपने घर लौटा तो उसे पता चला कि उसकी बेटी बीमार है, लेकिन मूर्छित अवस्था में बेटी को देखते ही पिता सोनू कुमार परेशान हो उठा और वह अपनी बेटी को लेकर तत्काल अस्पताल पहुंचा जहां इलाज से पहले ही डॉक्टरों ने मासूम बच्ची को मृत घोषित कर दिया। बेटी की मौत की खबर सुनते ही सोनू कुमार को ऐसे लगा जैसे कि उसकी दुनिया ही उजड़ गई। लेकिन उससे भी ज्यादा हैरान कर देने वाली बात यह है कि जब मासूम बच्ची के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आई, तो सोनू कुमार के पैरों तले जमीन खिसक गई। चूंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक 2 साल की मासूम नानसी के शरीर पर चोट के तीन गंभीर निशान थे जिससे कि ऐसा प्रतीत हो रहा था की मासूम को बुरी तरह से पीटा गया, इसलिए मृतक बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर विरार पुलिस में सबसे पहले सोनू कुमार की पत्नी नेहा को तत्काल हिरासत में ले लिया और पूछताछ के बाद जब सच्चाई सामने आई तो पुलिस ने नेहा को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल मामले की जांच जारी है, लेकिन चर्चा इस बात की हो रही है कि एक मां इतनी ज्यादा क्रूर कैसे हो सकती है कि जिस बच्ची को उसने जन्म दिया हो, उसकी वह हत्या कर दे! बहरहाल मासूम बच्चे गुनहगार नहीं होते यदि उनसे कोई गलती हो जाए तो और भी रास्ते हैं उन्हें सबक देने के लिए, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि उसके साथ मारपीट की जाए बल्कि अच्छे से समझाने पर भी बच्चों को जल्द ही बात समझ में आ जाती है। लेकिन दुर्भाग्य इस बात का है कि इतनी बड़ी होने और मां बनने के बाद भी आरोपी नेहा मां की परिभाषा नहीं समझ पाई।