हत्या के आरोपी पुलिस कर्मियों की फिर से हुई तैनाती !
04 Nov, 2021
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क्राइम डेस्क/in24 न्यूज़/मुंबई
चार पुलिसकर्मियों द्वारा पिटाई किए जाने से एक युवक की साल 2020 में मौत हो गई थी. यह घटना मुंबई के विले पार्ले पश्चिम स्थित नेहरू नगर बस्ती की है, जहां रहने वाले 22 साल के राजू देवेंद्र की पुलिस पिटाई के बाद घायल अवस्था में मौत हो गई थी, जिसके बाद राजू के भाई मनिकम की शिकायत के आधार पर जुहू पुलिस ने चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था. शुरुआती दौर में मृतक राजू का परिवार यही आरोप लगाता रहा कि, पुलिस अपने लोगों को बचा रही है. लेकिन इस घटना के बाद जांच अधिकारी ने उन सभी सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया था, जिसमें घटनास्थल की तस्वीरें कैद थी. वहीं पुलिस की ओर से इसे मॉब लिंचिंग की घटना बताई गई थी.
मृतक राजू की मां सायरा देवेंद्र का कहना है कि, पुलिस ने उन्हें बताया कि राजू को नेहरू नगर के पांच नंबर चाल के लोगों ने चोरी करते रंगे हाथ पकड़ा और उनकी पिटाई से उसकी मौत हो गई. इस मामले में एडवोकेट बहरेज ईरानी की तरफ से मुंबई हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें अनुरोध किया गया कि लॉकडाउन के दौरान राज्य भर में पुलिस की बर्बरता का संज्ञान लिया जाए. एडवोकेट बहरेज ईरानी द्वारा दायर की गई जनहित याचिका का नतीजा यह निकला कि, जुहू पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले नेहरू नगर इलाके में पुलिस पिटाई के चलते जिस राजू नाम के शख्स की मौत हुई थी, उस मामले में हाईकोर्ट ने चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश जुहू पुलिस को दिया. जिसके बाद चारों पुलिसकर्मियों को 9 सितंबर 2020 को गिरफ्तार कर लिया गया. अक्टूबर महीने में एसआईटी की ओर से आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई, जिसमें आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या के आरोपों को हटा दिया गया था और उसके बजाय गैर इरादतन हत्या की धाराएं लगाई गई थी. जिसके बाद 3 नवंबर 2020 को सभी आरोपी पुलिसकर्मियों को जमानत दे दी गई थी. यही नहीं कुछ महीने के बाद हत्या के चारों आरोपी पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर फिर से तैनात कर दिया गया. मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के मुताबिक चारों जमानत पर छूटे पुलिस कर्मियों को बहाल करने का फैसला हाल ही में मुंबई पुलिस कमिश्नर हेमंत नगराले की अध्यक्षता में हुई समिति की बैठक में लिया गया. वहीं दूसरी ओर मृतक राजू की मां का यह कहना है कि परिवार वाले इस मामले को ऊपरी अदालत में लेकर जाएंगे.