कुतुब मीनार से चार गुना बड़ा उल्कापिंड, पृथ्वी के नजदीक से गुजरने वाला है
संवाददाता/in24 न्यूज़।
पूरी दुनिया में अनेक संकटों के बीच एक क्षुदग्रह पृथ्वी के पास से बुधवार 24 जून को गुजरने वाला है. इसकी लंबाई कुतुब मीनार से चार गुना अधिक है. इस क्षुदग्रह की पहचान 441987 (2010 एनवाई 65) के रूप में हुई है, जिसकी अनुमानित लंबाई करीब 1017 फीट है और इसका व्यास करीब 310 मीटर है. भारतीय समयानुसार यह क्षुदग्रह पृथ्वी से करीब 12:15 बजे पृथ्वी से नजदीक से गुजरेगा. गौरतलब है कि अंतरिक्ष वैज्ञानिक धरती के 75 लाख किलोमीटर के दायरे में आने वाली किसी भी तेज रफ्तार क्षुदग्रह को धरती के लिए संभावित खतरा मानते हैं. अनुमान लगाया जा रहा है कि यह उल्कापिंड पृथ्वी से करीब 37 लाख किलोमीटर की दूरी से गुजरेगा. ऐसे में अंतरिक्ष वैज्ञानिक किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए इस पर अपनी नजर बनाए हुए है. बता दें, 2010 एनवाई 65, 46 हजार 400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजर रहा है. इससे पहले इसी महीने की 6 तारीख को 570 मीटर व्यास वाला उल्कापिंड 2002 एनए 4 जिसकी रफ्तार 40 हजार 140 किलोमीटर प्रति घंटा थी और 8 तारीख को 2013 एक्सए 22 जिसकी रफ्तार 24 हजार 50 किलोमीटर प्रति घंटा थी, वो पृथ्वी के काफी करीब से गुजरे थे.बता दें कि साल 2013 में रूस में चेल्याबिंस्क नामक का एक क्षुदग्रह गिरा था, जिसके कारण एक हजार से अधिक लोग घायल हुए थे और जिस जगह यह गिरा था उसके आस पास के इलाकों में मकानों को काफी नुकसान पहुंचा था. 2010 एनवाई 65, चेल्याबिंस्क से 15 गुना बड़ा है. ऐसे में अगर यह उल्कापिंड किसी कारण अपनी चाल बदलता है और पृथ्वी की तरफ बढ़ता है तो यह भारी तबाही मचा सकता है.