157 साल पुराना व्यभिचार कानून रद्द : सुप्रीम कोर्ट
27 Sep, 2018
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संवाददाता/in24 न्यूज़.
महिलाओं के संदर्भ में माननीय सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला दिया है. इसके तहत 157 साल पुराने कानून आईपीसी 497 (व्यभिचार) की वैधता पर बड़ा फैसला दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने पूरी तरह से महिला अधिकारों पर समानता की बात की है और कहा है कि शादी के बाहर के संबंध अपराध नहीं है.
चार जजों की बैंच में दो जज चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस खानविलकर ने फैसला देते हुए कहा कि व्यभिचार अपराध नहीं हो सकता. चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के कई देशों में व्यभिचार अपराध नहीं है. धारा 497 मनमाने अधिकार देती है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "पति पत्नी का मालिक नहीं है, महिला की गरिमा सबसे ऊपर है. महिला के सम्मान के खिलाफ आचरण गलत है.