जहरीली शराब कांड के बाद तमिलनाडु में मरने वालों की संख्या 18 हुई
संवाददाता/in24 न्यूज़.
जहरीली शराब कांड (spurious liquor case) में मरने वालों की संख्या तमिलनाडु (Tamil Nadu) में बढ़कर 18 हो गई है। विल्लुपुरम जिले के मरक्कनम में 12 लोगों की मौत हुई, जबकि चेंगलपट्टू जिले में छह लोगों ने दम तोड़ा। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन (MK. stalin) ने सोमवार को घटनास्थल का दौरा किया और मामले की सीबी-सीआईडी (CB-CID) जांच कराने की घोषणा की। विल्लुपुरम और चेंगलपट्टू जिलों में स्थानीय पुलिस के कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिवार को दस लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की, जबकि नकली शराब पीने के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए लोगों के लिए 50,000 रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। शुरुआती जांच के मुताबिक पाया गया कि विल्लुपुरम जिले के मरक्कनम में घटना तब हुई जब कुछ लोगों ने स्थानीय शराब का सेवन किया। हालांकि, चेंगलपट्टू जिले में मौत का कारण बनने वाली शराब में मेथनॉल मिला कर इसे पतला किया गया था। अन्नाद्रमुक महासचिव और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) मंगलवार को क्षेत्र का दौरा करेंगे। ईपीएस ने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि शराब कांड राज्य में कानून व्यवस्था की विफलता का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती अन्नाद्रमुक सरकार के दस साल के कार्यकाल में जहरीली शराब के सेवन से किसी की मौत नहीं हुई। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अन्नाद्रमुक शासन के दौरान राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति के कुशल संचालन के कारण था। ईपीएस, जो तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता भी हैं, ने कहा कि पिछले विधानसभा सत्र के दौरान, उन्होंने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में नकली शराब की उपलब्धता के बारे में सरकार को बताया था। बता दें जहरीली शराब पर अब तमिलनाडु में सियासत भी शुरू हो गई है।