सुप्रीम कोर्ट ने किसान आंदोलन पर दिया सरकार को आदेश
संवाददाता/in24 न्यूज़,
किसान किसी भी सूरत में आंदोलन खत्म करने के मूड में नहीं दिख रहे. तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का आज 42 वां दिन है। किसानों के इस शांत आंदोलन की ताकत भी लगातार बढ़ती जा रही है। ठंड और बारिश की परवाह किए बिना हरियाणा, पंजाब, यूपी, राजस्थान समेत अन्य राज्यों से किसानों के जत्थे रसद के साथ लगातार धरनास्थल पर पहुंच रहे हैं। इस बीच नए कृषि कानूनों को लेकर सरकार के साथ बातचीत के बावजूद हल नहीं निकलने से नाराज किसान आज दिल्ली की सीमाओं और पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर ट्रैक्टर मार्च निकाल रहे हैं। इस बीच किसानों के प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। कोर्ट कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका जताई है। केंद्र सरकार से भीड़ को लेकर दिशा-निर्देश जारी करने करने को कहा। कोर्ट ने किसान प्रदर्शन में एकत्र भीड़ पर चिंता जताते हुए कहा कि तबलीगी जमात जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। बता दें कि आंदोलनकारी किसान 28 नवंबर से यूपी गेट पर डेरा डाले हुए हैं और 3 दिसंबर से एनएच-9 के गाजियाबाद-दिल्ली कैरिजवे को भी बंद कर दिया है। इसके मद्देनजर दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सिंघु बॉर्डर पर भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया। बता दें कि किसान पहले यह मार्च बुधवार को ही निकालने वाले थे, लेकिन मौसम को देखते हुए इसे एक दिन के लिए टाल दिया गया। अब केंद्र सरकार के साथ अगले दौर की वार्ता कल यानी शुक्रवार को आयोजित की जाएगी। इससे पहले किसानों कृषि कानूनों का विरोध और तेज करने की बात कही है। बता दें कि सरकार ने हर बार किसानों से बातचीत के लिए अब भी द्वार खोल रखे हैं.