सीबीएसई का मैट्रिक और इंटर रिजल्ट घोषित
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने मंगलवार को 12वीं के बाद 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। इस वर्ष 93.66 प्रतिशत विद्यार्थी 10वीं कक्षा में उत्तीर्ण हुए हैं। 12वीं कक्षा की तरह 10वीं कक्षा में भी लड़कियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज के अनुसार इस वर्ष लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 95 फीसदी है, जबकि लड़कों का उत्तीर्ण प्रतिशत 92.63 है। पिछले वर्ष लड़कियों का परिणाम 94.75 प्रतिशत तथा लड़कों का परिणाम 92.71 प्रतिशत रहा था।
इस वर्ष 10वीं की परीक्षा के लिए कुल 23,85,079 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 23,71,939 उपस्थित हुए और उनमें से 22,21,636 उत्तीर्ण हुए। इस वर्ष का परिणाम 93.66 प्रतिशत है। 2024 में यह परिणाम 93.60 प्रतिशत था, इस वर्ष इसमें केवल 0.06 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई है। सीबीएसई कक्षा 10वीं के जिलावार परिणामों पर नजर डालें तो कक्षा 12वीं की तरह शीर्ष 4 जिले दक्षिण भारत में हैं। पहले नंबर पर तिरुवनंतपुरम है, जहां 99.79 फीसदी छात्र पास हुए हैं। दूसरे स्थान पर विजयवाड़ा है, जहां परिणाम 99.79 प्रतिशत रहा। बेंगलुरू 98.90 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर है और चेन्नई 98.71 प्रतिशत के साथ चौथे स्थान पर है।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने मंगलवार को 12वीं के बाद 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। इस वर्ष 93.66 प्रतिशत विद्यार्थी 10वीं कक्षा में उत्तीर्ण हुए हैं। 12वीं कक्षा की तरह 10वीं कक्षा में भी लड़कियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज के अनुसार इस वर्ष लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 95 फीसदी है, जबकि लड़कों का उत्तीर्ण प्रतिशत 92.63 है। पिछले वर्ष लड़कियों का परिणाम 94.75 प्रतिशत तथा लड़कों का परिणाम 92.71 प्रतिशत रहा था।
इस वर्ष 10वीं की परीक्षा के लिए कुल 23,85,079 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 23,71,939 उपस्थित हुए और उनमें से 22,21,636 उत्तीर्ण हुए। इस वर्ष का परिणाम 93.66 प्रतिशत है। 2024 में यह परिणाम 93.60 प्रतिशत था, इस वर्ष इसमें केवल 0.06 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई है। सीबीएसई कक्षा 10वीं के जिलावार परिणामों पर नजर डालें तो कक्षा 12वीं की तरह शीर्ष 4 जिले दक्षिण भारत में हैं। पहले नंबर पर तिरुवनंतपुरम है, जहां 99.79 फीसदी छात्र पास हुए हैं। दूसरे स्थान पर विजयवाड़ा है, जहां परिणाम 99.79 प्रतिशत रहा। बेंगलुरू 98.90 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर है और चेन्नई 98.71 प्रतिशत के साथ चौथे स्थान पर है।
इसके अलावा पुणे का रिजल्ट 96.54 फीसदी, अजमेर का 95.44 फीसदी, दिल्ली पश्चिम का 95.24 फीसदी, दिल्ली पूर्व का 95.07 फीसदी, चंडीगढ़ का 93.71 फीसदी, पंचकूला का 92.77 फीसदी, भोपाल का 92.71 फीसदी, भुवनेश्वर का 92.64 फीसदी, पटना का 91.90 फीसदी, देहरादून का 91.60 फीसदी, प्रयागराज का 91.01 फीसदी, नोएडा का 89.41 फीसदी और गुवाहाटी का 84.14 फीसदी रहा।
वहीं इससे पहले सीबीएसई ने कक्षा 12वीं के नतीजे घोषित किए थे। इस वर्ष का परिणाम 88.39 प्रतिशत है। पिछले वर्ष का परिणाम 87.98 प्रतिशत था। इस साल 12वीं के रिजल्ट में 0.41 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। 12वीं की परीक्षा के लिए कुल 17,04,367 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 16,92,794 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए तथा इनमें से 14,96,307 उत्तीर्ण हुए।
इस वर्ष सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट 88.39 प्रतिशत रहा है। पिछले वर्ष का परिणाम 87.98 प्रतिशत था। पिछले साल के मुकाबले 12वीं के रिजल्ट में 0.41 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इस वर्ष भी लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत अधिक है। इस वर्ष लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 91.64 प्रतिशत है, जबकि लड़कों का उत्तीर्ण प्रतिशत 85.70 प्रतिशत है।