अनिल देशमुख के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे परमबीर सिंह
संवाददाता/in24 न्यूज़.
महाराष्ट्र में सियासी घमासान के बीच मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह ने गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है और इनकी जांच सीबीआई से कराने की मांग की है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने होमगार्ड विभाग में अपने ट्रांसफर पर शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है. सिंह का पिछले हफ्ते मुंबई पुलिस आयुक्त पद से ट्रांसफर कर दिया गया था. परमबीर सिंह को हाल ही में मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई घर के बाहर विस्फोटकों से भरी एसयूवी की बरामदगी मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा जांच के बीच मुंबई पुलिस आयुक्त पद से हटा दिया गया था. कुछ दिनों बाद परमवीर सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक पत्र लिखा, जिसमें आरोप लगाया गया कि राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने 100 करोड़ मासिक एकत्र करने के लिए कहा था. हालांकि देशमुख ने इन आरोपों से इनकार किया था. देशमुख ने कहा था कि सिंह को शीर्ष पुलिस के कुछ सहयोगियों द्वारा की गई गंभीर और अक्षम्य गलतियों के मद्देनजर स्थानांतरित किया गया है. इससे पहले शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने देशमुख के इस्तीफे से इनकार कर दिया था. शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि अगर राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रमुख (शरद पवार) ने तय किया है कि अनिल देशमुख के ऊपर जो आरोप लगे हैं, उनमें तथ्य नहीं है और उनकी जांच होनी चाहिए तो इसमें गलत क्या है? आरोप सभी नेताओं के ऊपर लगते रहे हैं. सबका इस्तीफा लेकर बैठे तो सरकार चलाना मुश्किल हो जाएगा. भाजपा ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर राज्य के गृह मंत्री के खिलाफ मुंबई के पूर्व पुलिस प्रमुख द्वारा लगाए गए गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों पर अपना हमला तेज कर दिया है. महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री सचिन वाजे का बचाव क्यों कर रहे हैं! एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि हमें लगता है कि परमबीर सिंह की चिट्ठी एक सोची समझी साजिश का हिस्सा है. परमबीर सिंह की दिल्ली में किस-किस से मुलाकात हुई थी उसकी हमें जानकारी है. जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आएगी . उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों के माध्यम से चिट्ठी की जांच होगी. एक चिट्ठी के आधार पर गृह मंत्री अनिल देशमुख के इस्तीफे की मांग हो रही है. इस्तीफा देने का सवाल नहीं होता है. पार्टी ने निर्णय लिया है कि जांच होने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा. गौरतलब है कि अनिल देशमुख पर शरद पवार की छत्रछाया पहले की तरह बानी हुई है.