असदुद्दीन ओवैसी पर हमला: दी गयी Z श्रेणी की सुरक्षा, ओवैसी ने लेने से किया इनकार
संवाददाता/ in24 न्यूज़
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (asaduddin owaisi) को जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गयी है. ओवैसी पर पर गुरुवार को मेरठ से दिल्ली आते समय जान लेवा हमला हुआ था. यह हमला उन पर उस समय हुआ जब वे छिजारसी टोल गेट पर पहुंचे थे। बताया जाता है कि दो हमलावरों ने उनकी तरफ गोलियां चलाई, लेकिन वह गोली उनकी कार पर लगी और इस तरह से असदुद्दीन ओवैसी बाल-बाल बच गए। हालांकि बाद में पुलिस ने दोनों हमलावरों की गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि, हमले के बाद ओवैसी ने सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि ना डरने वाला हूँ, ना सिक्योरिटी लेने वाला हूँ। अपना चुनाव प्रचार जारी रखूँगा। अगर किसी माई के लाल में दम है तो मार के दिखाए मुझे।
इन दोनों हमलावरों के नाम गौतमबुद्ध नगर के सचिन और देवबंद निवासी शुभम है, जिन्हें हापुड़ पुलिस ने गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि सचिन असदुद्दीन ओवैसी और उनकी पार्टी के नेताओं के भाषणों को लेकर नाराज था। इसलिए पिछले कई दिनों से ओवैसी पर हमले की प्लानिंग कर रहा था। ये दोनों मेरठ में ओवैसी की सभा में भी मौजूद थे।
हापुड़ पुलिस ने मुताबिक मेरठ से दिल्ली जाते समय सांसद असदुद्दीन ओवैसी पर 5.20 बजे के आस पास इन दोनों ने हमला किया। पुलिस को इनके पास से असलहा और घटना में इस्तेमाल कार भी बरामद की गई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले का मुख्य आरोपी सचिन है. सचिन कई दिनों से ओवैसी का पीछा कर रहा था। वह ओवैसी की मेरठ की सभा में भी गया था। सचिन और शुभम काफी दिन वह अच्छे मौके की तलाश में था। उनकी योजना थी कि वह असदुद्दीन ओवैसी को मारने के बाद वह सीधे पुलिस स्टेशन जाकर सरेंडर कर देंगे, ताकि भीड़ के गुस्से से बच जाएं। लेकिन गुरुवार को सचिन ने जब गोली चलाई तो वह निशाने पर नहीं लगी। इसके बाद ओवैसी के ड्राइवर ने गाड़ी आगे भगा ली। इससे उनका प्लान फेल हो गया।
हमले के बाद प्रदेश में हड़कंप मच गया. सारा पुलिस अमला चौकन्ना हो गया. एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने तत्काल कमान संभाल ली। इसके बाद पुलिस ने गौतमबुद्ध नगर के सचिन को गिरफ्तार कर लिया। तो वहीं दूसरे आरोपी ने डर कर गाजियाबाद थाने में सरेंडर कर दिया। मामले की जांच के लिए पांच टीमें भी बनाई गई हैं। इस हमले का वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।